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PNG Connection: घरेलू गैस कनेक्शन जारी करने में प्रतिदिन औसतन तीन से चार गुणा की बढ़ोतरी

Gas Pipeline: राजस्थान स्टेट गैस का बड़ा फैसला, सस्ती और सुरक्षित गैस सुविधा को मिलेगा बढ़ावा। एलपीजी से डीपीएनजी की ओर बढ़ें उपभोक्ता, 24x7 सुविधा के लिए किया गया आह्वान।

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कोटा

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Rajesh Dixit

Apr 09, 2026

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फाइल फोटो-पत्रिका

Rajasthan Gas: राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड (आरएसजीएल) ने कोटा शहर में घरेलू गैस कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को तेज करने का बड़ा निर्णय लिया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक विनय पाटनी ने निर्देश दिए हैं कि पाइपलाइन आधारित डीपीएनजी (डोमेस्टिक पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन जारी करने की दर को प्रतिदिन औसतन तीन से चार गुना तक बढ़ाया जाए।

कार्यभार संभालने के बाद पहली बार विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद करते हुए पाटनी ने स्पष्ट कहा कि जिन क्षेत्रों में आधारभूत ढांचा विकसित हो चुका है, वहां तेजी से लोगों को डीपीएनजी सुविधा से जोड़ा जाए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में आरएसजीएल द्वारा प्रतिदिन लगभग 50 से 60 डीपीएनजी कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं, जिसे बढ़ाकर 150 से 200 प्रतिदिन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही आम नागरिकों, उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को प्राकृतिक गैस से जोड़ने के लिए गंभीर प्रयास कर रही हैं। ऐसे में आरएसजीएल को भी अपने कार्यों में गति लाते हुए अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक यह सुविधा पहुंचानी होगी।

पाटनी ने कोटा के नागरिकों से अपील की कि वे पारंपरिक एलपीजी सिलेंडर के बजाय डीपीएनजी सुविधा अपनाएं। उन्होंने बताया कि पाइपलाइन गैस न केवल सस्ती और सुरक्षित है, बल्कि यह पर्यावरण के अनुकूल हरित ऊर्जा का भी बेहतर विकल्प है। इसके साथ ही यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहती है, जिससे उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता।

बैठक के दौरान फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट सहित अन्य व्यावसायिक इकाइयों को भी डीपीएनजी से जोड़ा जाए। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों को प्रेरित करने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उपमहाप्रबंधक विवेक श्रीवास्तव और विवेक रंजन ने उपलब्ध मानव संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता बताई। वहीं, कोटा के उपमहाप्रबंधक सीपी चौधरी ने जानकारी दी कि शहर में जागरूकता कार्यक्रम चलाकर लोगों को डीपीएनजी के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।

इस बैठक में ग्वालियर, जयपुर, नीमराणा और कूकस सहित विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारियों ने भी भाग लिया और योजना को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।