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Traffic Jam In Bhamashah Mandi: भामाशाह कृषि उपज मंडी में इन दिनों गेहूं और धान की जबरदस्त आवक के चलते जाम जैसे हालात बने हुए हैं। मंडी में प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख कट्टों की आवक हो रही है। जिससे व्यवस्थाएं दबाव में आ गई हैं। हाल ही में हुई बारिश ने स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है।
कोटा शहर में मंगलवार को हुई तेज बारिश के कारण मंडी स्थित एफसीआइ केंद्रों पर माल की लोडिंग नहीं हो सकी। जिससे उठाव प्रभावित हुआ। इसका असर बुधवार को भी देखने को मिला। मंडी परिसर में जाम जैसे हालात बने रहे।
बारिश के चलते कृषि जिंसों की गुणवत्ता पर भी असर पड़ा है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। मंडी में अव्यवस्था के चलते किसानों को सत्यापन प्रक्रिया के लिए घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि उनका नंबर दो दिन बाद आ रहा है। जिससे उन्हें मंडी में ही रुकना पड़ रहा है।
कोटा ग्रेन एंड सीड्स मर्चेन्ट्स एसोसिएशन के महामंत्री महेश खण्डेलवाल ने बताया कि स्थिति को संभालने के लिए मंडी प्रशासन ने प्रवेश व्यवस्था में बदलाव किया है। अब समर्थन मूल्य पर खरीद केंद्रों पर आने वाले किसानों का प्रवेश गेट नंबर एक से किया जा रहा है। जबकि मंडी में आने वाले अन्य किसानों को गेट नंबर दो से प्रवेश दिया जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
मंडी में इन दिनों पूरे हाड़ौती से कृषि जिंस आ रही है। रोजाना 1 लाख गेहूं के कट्टे, 2 से ढाई हजार बोरी धान, लहसुन 7 से 8 हजार कट़्टे, चना, सरसों 3 से 4 हजार कट्टे, मैथी 2500 कट्टे समेत अन्य जिंस शामिल है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद व्यवस्था में एक बार फिर बदलाव हुआ है। जिसके तहत अब गेहूं को एमएसपी पर बेचने के लिए विक्रय केंद्र का स्लॉट किसान को ही लेना होगा। इसके लिए किसान खरीद पोर्टल या ई-मित्र के जरिए अपने रजिस्ट्रेशन के आधार पर टाइम स्लॉट बुक कर सकेगा।
जिला रसद अधिकारी (डीएसओ) द्वितीय कुशाल बिलाला के अनुसार एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए किसान को ही स्लॉट बुक करना होगा। ऐसे किसान जिन्होंने रजिस्ट्रेशन कर लिया है, वे अपनी फसल बेचने के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुक कर सकते हैं। इस व्यवस्था के अनुसार किसान खुद वेबसाइट पर जाकर स्लॉट बुक कर सकता है। ऐसा नहीं कर पाने पर वह ई-मित्र या खरीद केंद्र की मदद ले सकता है। उसे खरीद केंद्र के जरिए अपनी सुविधा के अनुसार स्लॉट बुक करना होगा।
यह स्लॉट तहसील और खरीद केंद्र की क्षमता के अनुसार जारी किए जाएंगे। पहले सरकार ने किसानों को ही स्लॉट बुक करने की सुविधा दी थी, ताकि वे अपनी इच्छा के अनुसार चयनित स्लॉट पर ही माल विक्रय केंद्र पर लेकर आएं, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया था, फिर खाद्य विभाग ही किसानों के रजिस्ट्रेशन के आधार पर उन्हें टोकन जारी कर रहा था, जिसके बाद एफसीआई, राजफैड, तिलम संघ व अन्य खरीद एजेंसियों के केंद्रों पर माल ले जाया जा रहा था।
दीगोद क्षेत्र के किसान मथुरा लाल मंडावरी ने बताया कि मंडी में अत्यधिक भीड़ और धीमी प्रक्रिया के कारण किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। डूंगरज्या के चतुर्भुज का कहना है कि सत्यापन और तुलाई में देरी से समय और पैसा दोनों का नुकसान हो रहा है। केशवरायपाटन क्षेत्र के सुवासा निवासी हीरालाल ने कहा कि बारिश और अव्यवस्था के कारण फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। जिससे उचित भाव मिलने में भी दिक्कत आ रही है।
Updated on:
09 Apr 2026 01:51 pm
Published on:
09 Apr 2026 01:48 pm
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