
कोटा. कोटा विश्वविद्यालय की ओर से स्नातक स्तर के घोषित किए गए परीक्षा परिणाम में विवि से सम्बद्ध कॉलेजों के एक हजार से ज्यादा विद्यार्थियों के शून्य अंक आए, इससे विद्यार्थी फेल हो गए। कई निजी कॉलेजों के एक-दो विद्यार्थियों को छोड़कर सभी फेल हो गए। परिणाम से विद्यार्थियों में रोष है।
केस : 1-झालावाड़ निवासी छात्रा सदफ ने कोटा विवि से बीएससी सैकण्ड ईयर की परीक्षा दी। उसके मैथ्स में जीरो अंक आए हैं।
केस : 2-जेडीबी कॉलेज की छात्रा टीना मीणा के होम साइंस व मुस्कान बानो के ड्रॉइंग के परिणाम में जीरो अंक आए हैं।
कोटा विवि ने बीए प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष के रिजल्ट जारी किए हैं। इसमें विद्यार्थियों को होम साइंस, ड्राइंग, राजनीतिक विज्ञान, समाज शास्त्र व अंग्रेजी जैसे विषयों में शून्य अंक देकर फेल कर दिया, जबकि इन विद्यार्थियों के पिछली बाद 60 प्रतिशत से अधिक अंक थे। विद्यार्थियों का कहना है कि एेसा नहीं हो सकता है कि किसी विद्यार्थी ने कुछ भी नहीं लिखा।
उपस्थिति पर भी अनुपस्थिति
बताया कि परीक्षा में छात्रों के उपस्थित होने पर भी अंक तालिका में अनुपस्थिति दर्शाई गई है। प्रैक्टिकल में भी अनुपस्थिति दर्शाई गई है। कई छात्रों के सभी सब्जेक्ट में शून्य अंक दिए गए हैं।
कुलसचिव को घेराव
इधर, जेडीबी कॉलेज की छात्रनेता विजयलक्ष्मी गोचर व एबीवीपी महासचिव संदीप जांगीड़ के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने कोटा विवि में अलग-अलग प्रदर्शन किए। विद्यार्थियों ने कुलसचिव संदीपसिंह चौहान का घेराव किया। उन्हें सौंपे ज्ञापन में बताया कि विवि की गलती विद्यार्थी क्यों भुगतें। विवि प्रशासन को परीक्षा परिणाम दुरस्त कर दोबारा जारी करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों से कमाई के चक्कर में विवि प्रशासन पुनर्मूल्यांकन की सलाह दे रहा है।
ज्योतिषीय फिलॉसफी:कालसर्प दोष व उसका निवारण
कोटा विवि ने कॉपियां बाहरी क्षेत्रों में व्याख्याताओं से जंचवाई हैं। परीक्षा परिणाम में यदि कमियां रही हैं तो हमारे स्तर पर दिखवाकर सही करवाएंगे।
- संदीपसिंह चौहान, कुलसचिव, कोटा विवि