
कोटा की सड़कों पर आवारा मवेशी अब मौत बनकर दौड़ रहे हैं। आए दिन लोगों को शिकार बना रहे हैं। राहगीरों व वाहन चालकों को हवा में उछाल अस्पताल पहुंचा रहे हैं। सड़कों पर निकलने से अब शहरवासी कतराने लगे हैं। इसके बावजूद नगर निगम कुंभकरण की नींद सोया हुआ है।
हालत यह है कि लोग सड़क पर निकलने में डरने लगे हैं, लेकिन शहर के लोगों को सहूलियत की राह देने का जिम्मेदार तंत्र प्रभावी समाधान की जगह बैठकें करने में लगा है। हर हादसे के बाद व्यवस्था सुधारने के दावे किए जाते हैं लेकिन दावे कभी हकीकत में नहीं बदलते।
शहर में दो दिन पूर्व सकतपुरा के माली मोहल्ले में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला रामचंद्री बाई को आवारा सांड ने घायल कर दिया। इसी सांड ने रविवार रात लक्ष्मी स्कूल के पास बैंच पर बैठे कुछ लोगों को मारने का प्रयास किया, लोगों ने भाग कर जान बचाई।
कुछ लोग इस प्रयास में नीचे भी गिर गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इससे पूर्व गत सोमवार को महावीर नगर तृतीय क्षेत्र में सोमवार को हिंसक हुई गाय ने वृद्धा मधु बाई (60) पर हमला कर दिया और रौंद दिया। आसपास खड़े लोगों ने गाय को भगाकर घायल वृद्धा को नए अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
इसी तरह स्टेशन रोड पर एक बुजुर्ग व्यक्ति को आवारा सांड ने 7 फीट हवा में उछाल दिया। बुजुर्ग सिर के बल सड़क पर गिरा। जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लगने से एमबीएस में इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे पहले महावीर नगर थाना क्षेत्र में कोचिंग जा रही एक छात्रा को आवारा मवेशी ने टक्कर मार दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के गवाह रहे लोगों ने बताया कि एक किशोरी केशवपुरा की तरफ जा रही थी। महावीर नगर तृतीय चौराहे के पास अचानक भागता हुआ मवेशी आ गया। जिससे वह असंतुलित होकर सिर के बल गिर पड़ी। इस दौरान वहां से एक सवारी वाहन भी निकला। उससे भी वह टकराई। आस-पास के लोग उसे तलवंडी के निजी अस्पताल लेकर गए लेकिन अधिक खून बह जाने से उसको बचाया नहीं जा सका।
11 जुलाई को श्रीपुरा निवासी बालमुकुंद कोली (45) बाइक से खड़े गणेशजी से घर लौट रहे थे। रास्ते में एमबीएस मार्ग पर सामने से गाय से टकराने से उनके सिर में चोट लगने पर एबीएस में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान 23 जुलाई को उसकी मौत हो गई। 12 जुलाई को ही केशवरायपाटन क्षेत्र में भी गाय की टक्कर से बाइक सवार दो जनों की मौत हो गई थी।
बाइक सवार से टकराया मवेशी
छावनी, रामचंद्रपुरा निवासी धनराज नागर दोपहर 12 बजे सीएडी से एरोड्राम की ओर आ रहा था। इस दौरान पुलिस कंट्रोल रूम के पास उसकी बाइक के सामने गाय आ गई। इससे धनराज की बाइक अनियंत्रित हो गई और वह सड़क पर घिसटता चला गया। उसने अस्पताल जाकर उपचार कराया।