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बदला-बदला सा नजर आएगा विधानसभा शीतकालीन सत्र का नजारा

सत्र के पहले ही दिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 2016-17 का पहला अनुपूरक बजट व 2017-18 का अंतरिम बजट व पांच महीने का लेखानुदान पेश करेंगे हैं। 

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Raghvendra Pratap

Dec 20, 2016

Akhilesh Vidhan Sabha

Akhilesh Vidhan Sabha

लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों का शीतकालीन सत्र 21 दिसंबर से शुरू हो रहा है। अभी इस सत्र में दो दिन 21 और 22 दिसंबर की बैठकें ही तय हुई हैं। पहले दिन कानून-व्यवस्था और नोटबंदी को लेकर दोनों सदनों में हंगामें की उम्मीद है। सत्र के पहले ही दिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 2016-17 का पहला अनुपूरक बजट व 2017-18 का अंतरिम बजट व पांच महीने का लेखानुदान पेश करेंगे हैं। कैबिनेट इनसे जुड़े प्रस्तावों पर पहले ही सहमति दे चुकी है। वित्त विभाग तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। विधानमंडल का यह आखिरी सत्र माना जा रहा है। इसके संक्षिप्त ही रहने की संभावना है।

शिवपाल को बैठना पड़ेगा पीछे
उत्तर प्रदेश सरकार के दबंग मंत्रियों में सुमार रहे समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव विधानसभा में कहां बैठेंगे इसको लेकर अभी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पहली बार शिवपाल यादव असहाय हैं। उन्हें पता ही नहीं है कि यूपी की विधान सभा में वे अपनी बात किस सीट से उठाएंगे। सदन में वे कहां और किस कुर्सी पर बैठेंगे? समाजवादी पार्टी सत्ता में रही हो या न रही हो शिवपाल पहली ही पंक्ति में बैठते थे। कुछ माह पहले तक शिवपाल अखिलेश सरकार के सबसे शक्तिशाली मंत्री थे। मंत्रिमंडल में उनकी नंबर टू की हैसियत थी। तब सदन में उनके बैठने का स्थान तय था। वे पहली लाइन में सीएम के बगल बैठते थे। लेकिन, वर्चस्व की लड़ाई में भतीजे अखिलेश ने उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया। अब वे मंत्री नहीं महज विधायक हैं। इसलिए सदन में उनके बैठने की कुर्सी भी छिन चुकी है। उन्होंने, विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद से पूछा है - माननीय बताएं, हम कहां बैठें। हमारी सीट कहां होगी? अभी तक उनकी चिट्ठी का जबाब नहीं दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि शिवपाल वरिष्ठ सदस्य हैं उन्हें सदन में सम्मानजनक स्थान दिया जाएगा।

स्वामी प्रसाद मौर्य बैठेंगे भाजपा के खेमें में
बहुजन समाज पार्टी की ओर से नेता विपक्ष रहे स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा की सदस्यता लेने के बाद से उनकी नेता विपक्ष की कुर्सी छिन चुकी है। गयाचरण दिनकर को बसपा ने नया नेता विपक्ष बनाया है। इसलिए मौर्य सदन में अब भाजपा विधायकों के साथ बैठे नजर आएंगे।

अंतरिम बजट और लेखानुदान भी आएगा
सत्र के दूसरे दिन यानी 22 दिसंबर को दोनों सदनों में 2017-18 के अंतरिम बजट व अप्रैल से अगस्त तक का लेखानुदान भी लाया जाएगा। अंतरिम बजट का आकार 40 हजार करोड़ रुपए और लेखानुदान का आकार 16 हजार करोड़ के आसपास हो सकता है। लेखानुदान में चालू योजनाओं व वेतन-भत्ते जैसे जरूरी खर्च का प्रावधान होगा। इसके साथ ही कुछ विधेयकों को भी पेश और पारित कराया जा सकता है। आगामी वित्त वर्ष का आम बजट 2017 के विधानसभा चुनाव में निर्वाचित नई सरकार लाएगी। खास बात यह है कि 21 और 22 दिसंबर के बाद 23 से 25 दिसंबर तक तीन दिन की लगातार छुट्टी पड़ रही है। इसके बाद सत्र चले इस संबंध में विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक तय करेगी।

अध्यक्ष ने बुलाई कार्यमंत्रणा समिति और सर्वदलीय बैठक
विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने मंगलवार को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक बुलाई। बैठक में तय हुआ कि सदन में पहले दिन अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। उसके बाद प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रामनरेश यादव के निधन पर विधानसभा में शोक व्यक्त किया जाएगा और सदन अगले दिन के लिए स्थगित कर दिया जाएगा। कार्यमंत्रणा समिति के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस दौरान विधानमंडल सत्र के दौरान सुरक्षा को लेकर भी बैठक हुई।

अखिलेश का जवाब देंगे मंत्री
सत्र के मद्देनजर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने विभागों से संबंधित जवाब देने के लिए मंत्रियों को अधिकृत कर दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने ज्वलंत मुद्दों पर मुख्यमंत्री की जानकारी के लिए विभागों से जानकारी भी मांगी है। सत्र के दौरान प्रमुख सचिवों और सचिवों के लखनऊ छोड़ने पर रोक भी लगा दी गई है।

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