कोटा

दर्दनाक: मातम में बदली ईद की खुशियां, बेटियों के सिर से उठा पिता का साया, मां की चित्कार से कांप उठा कलेजा

Stray cattle: कोटा में आवारा मवेशी मौत बनकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। आए दिन कोई न कोई इनका शिकार हो रहा है।  
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Aug 12, 2019
Stray cattle
दर्दनाक: मातम में बदली ईद की खुशियां, बेटियों के सिर से उठा पिता का साया, मां की चित्कार से कांप उठा कलेजा

कोटा. आवारा मवेशियों ( Stray cattle) की समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। आएदिन कोई न कोई इनका शिकार होकर या तो जान गवां रहा है, या फिर घायल हो रहा है। ( Road Accident ) सड़कों पर घूमते मवेशियों के कारण एक माह में तीन दर्जन से अधिक लोग दुर्घटनाग्रस्त होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं। ( Stray cattle Terror ) अब तक एक माह में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार को भी झालावाड़ रोड पर जगपुरा फ्लाईओवर के पास आवारा मवेशियों की चपेट में आकर बाइक सवार जान गवां बैठा, एक घायल हो गया। ( Stray cattle killed the person)

परिजन के अनुसार गोविंद नगर निवासी गफूर खान व रंगबाड़ी निवासी सोनू सुमन केबलनगर स्थित फेक्ट्री में वेल्डिंग का काम करते है। रविवार सुबह आठ बजे दोनों बाइक से काम पर जा रहे थे। जगपुरा फ्लाईओवर पर अचानक दो गायेंलड़ती हुई उनकी बाइक से टकरा गई। बाइक गिरने से गफूर के सिर पर गम्भीर चोट लगी और सोनू भी घायल हो गया। दोनों को उपचार के लिए तलवण्डी स्थित निजी अस्पताल लाया गया। यहां पर डॉक्टरों ने गफूर खान (50) को मृत घोषित कर दिया। घायल सोनू को मरहम पट्टी के बाद घर भेज दिया।

मातम में बदली ईद की खुशियां
परिजन ईद ( Eid al-Fitr ) की तैयारियों में जुटे थे। घर में त्योहारी रोनक थी। तभी, अचानक परिवार के मुखिया की मौत की सूचना से ईद की खुशियां मातम में बदल गई। पत्नी व बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बेटियों की चित्कार से सांत्वना देने पहुंचे लोगों का भी कलेजा कांप गया।

जिला वक्फ बोर्ड के उपाध्यक्ष इरशाद अली ने बताया कि गफूर खान के परिवार में पत्नी व चार बेटियां है। वह किराए के मकान में रहते थे। कमाने वाला सिर्फ गफूर ही था। पड़ोसी हकीम खान ने बताया कि गफूर की 4 बेटियां हैं। दो की शादी हो गई, फिजा (18) ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी। सबा (15) 10वीं कक्षा में पढ़ रही है। गफूर के बाद अब परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।

Published on:
12 Aug 2019 08:00 am