
कोटा. कोचिंग कैपिटल कोटा का चयन भले ही स्मार्ट सिटी के तहत हो गया हो, लेकिन आज भी मुख्य सड़कों व इलाकों के हालात स्मार्ट नहीं हैं। फल-सब्जी के फुटकर विक्रेताओं ने स्मार्ट सिटी को सब्जीमंडी बनाकर रख दिया है। करीब-करीब सभी इलाकों में मुख्य सड़कों व चौराहों पर रोजाना सब्जीमंडी लगती है।
यहां आवारा मवेशी घूमते रहते हैं। इस दौरान यातायात भी चालू रहता है। इससे हरदम हादसों का अंदेशा बना रहता है। पहले भी सड़क हादसे हो चुके हैं, लेकिन यूआईटी ने कभी इन सब्जीमंडियों को अन्यत्र शिफ्ट करने का कोई प्रयास नहीं किया। राजस्थान पत्रिका संवाददाता ने शुक्रवार को शहर के कुछ इलाकों में लगने वाली सब्जीमंडियों का जायजा लिया। इस दौरान जो देखा, पेश है उस पर एक रिपोट...र्।
अनन्तपुरा : सड़क पार करने में लगता है डर
अनन्तपुरा में हर शाम हाइवे किनारे सब्जीमंडी लगती है। आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग हाइवे पार कर सब्जी लेने आते हैं। कई महिलाओं के साथ छोटे बच्चे भी आते हैं। इस सड़क से दिनभर बड़े-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में छोटे बच्चों के साथ सड़क पार करने के दौरान हमेशा खतरा बना रहता है। इसके अलावा सब्जीमंडी में आवारा मवेशी भी घूमते रहते हैं, जो आए दिन किसी न किसी को घायल कर देते हैं।
केशवपुरा : रोज शाम को लगता है जाम
केशवपुरा-तीन बत्ती चौराहे के बीच मार्ग पर शाम ढलते ही सब्जीमंडी लग जाती है। इससे रोजाना शाम को यहां जाम के हालात रहते हैं। स्थानीय निवासी सीतादेवी सुमन ने बताया कि न्यास ने करीब 15 साल पहले संतोषी नगर में स्थायी रूप से सब्जीमंडी के लिए जगह का आवंटन किया था, लेकिन अभी तक सब्जी विक्रेता वहां नहीं गए। इससे आए दिन सड़क दुर्घटना व जाम की स्थिति बनती है। न्यास इन्हें यहां से हटाए।
बोरखेड़ा : विरोध के चलते नहीं हुई शिफ्ट
बोरखेड़ा चौराहे पर एक गली में सब्जीमंडी लगती है, लेकिन सब्जी खरीदने वाले ग्राहक अपने वाहनों को सड़कों किनारे ही लगा जाते हैं। यहां यातायात पुलिस की ड्यूटी रहती है, लेकिन वे इन वाहनों को नहीं हटावा पाते। इससे बोरखेड़ा से बारां जाने वाले बड़े-छोटे वाहनों को परेशानी होती है, साथ ही जाम की स्थिति बनी रहती है। पिछले दिनों कई बार मंडी शिफ्ट करने के प्रयास किए, लेकिन विरोध के चलते कुछ नहीं हुआ।
कुन्हाड़ी : हो चुके हादसे
कुन्हाड़ी क्षेत्र में बालिता चौराहे पर बरसों से सड़क किनारे ही सब्जी मंडी लगती है। मंडी में ग्राहकों के आने व साथ ही वाहनों के गुजरने से जाम की स्थिति हो जाती है। कई बार इस मार्ग पर वाहनों से दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। जिनमें कई लोग गंभीर घायल भी हो चुके हैं। बावजूद इसके मंडी शिफ्ट करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए। इसके अलावा विक्रेता बची सब्जी व फल फेंक जाते हैं, इससे कचरा व दुर्गंध भी फैलती है।
कर रहे हैं प्रयास
शहर की प्रमुख सड़कों के किनारों पर लगने वाली सब्जीमंडियों को अन्यत्र शिफ्ट करने के लिए योजना बनाई जा रही है। जल्द ही नई जगहों पर सब्जीमंडियां शिफ्ट करने का प्रयास किया जाएगा।
-रामकुमार मेहता, अध्यक्ष, नगर विकास न्यास