संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में अव्यवस्थाओं का काई इलाज नहीं।
कोटा . संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में अव्यवस्थाओं का काई इलाज नहीं। रोगियों के सबसे अधिक उपयोग में आने वाले स्ट्रेचर को ही फ्रेक्चर हो रहा है। मरीज के साथ आने वाले परिजन ही उन्हें सहारा दे रहे हैं।
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अस्पताल की इमरजेंसी में 20 स्ट्रेचर हैं, इसमें से 12 खराब पड़े हैं। वहीं जो चल रहे हैं, उनकी स्थिति भी बैकार है। स्टे्रचर के पहिए टूटे हैं वहीं बियरिंग भी खराब हो रहे हैं। कई स्ट्रेचर के पाइप की वेल्डिंग निकली हुई है। ऐसी स्थिति में लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इन्हें ठीक कराने के लिए की गई शिकायत पर भी समाधान नहीं हो रहा।
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आउटडोर में प्रतिदिन आते हैं 1500 रोगी
अस्पताल के आउटडोर में प्रतिदिन करीब 1500 रोगी आते हैं। इनमें 50 से अधिक गंभीर रोगियों को स्टे्रचर की आवश्यकता होती है। लेकिन पिछले दो माह से यहां रोगियों को परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन स्ट्रेचर सही नहीं करा रहा। एमबीएस के कारखाने में कार्यरत कर्मचारी खराब स्ट्रेचर व अन्य सामानों के लिए अधीक्षक को कह चुके, लेकिन उन्हें ठीक करने के लिए उपकरण व उपयोग में आना वाला सामान अस्पताल प्रशासन द्वारा नहीं मंगवाया जा रहा। एमबीएस अस्पताल परिसर में बीमारी की हालत में चक्कर खाकर एक महिला गिर पड़ी। इसको उठाने के लिए ट्रॉली नहीं मिल पाई।
अधीक्षक एमबीएस डॉ. पीके तिवारी ने कहा की जो स्ट्रेचर खराब पड़े हैं। उन्हें ठीक कराए जाने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं किसी भामाशाह से नए स्ट्रेचर मिल सकें ऐसा भी प्रयास किया जाएगा।