
कोटा. कोटा में उधारी का अंजाम मौत बनकर उभर रहा है! तेजी से फैलते सूदखोरी के चक्रव्यूह ने मौत के ऐसे कई उदाहरण खड़े किए हैं! देईखेडा के एक पिता और दो पुत्रों की आत्महत्या की घटना के बाद अब वसूली माफिया को फिर चर्चा में ला दिया। स्थिति यह बन गई है कि अब जर, जोरू व जमीन की जंग सूदखोरों के हाथों में पहुंच गई। ऊपर से सरल दिखने वाले इस चक्रव्यूह में फंसा व्यक्ति अपने हर प्रयास के साथ इसमें गहरा धंसता जाता है। आर्थिक तंगी, व्यापार की चाह और सट्टे ने सूदखोरी की अमरबेल को फिर हरा कर दिया है। पैसे चुकाने के दबाव में फिर एक परिवार के घर के तीन दीपक बुझ गए। जिम्मेदार अभी जांच में लगे हंै। इस मौत ने फिर उन परिवारों के दर्द को और गहरा कर दिया है, जिनको सूदखोरी के मामले में अब तक न्याय नहीं मिला है। कोटा में बरसों से यह अपराध फलता फूलता रहा। अपराधियों की पुलिस सांठगांठ ऐसी हो गई कि फरियादी की थानों में जाकर शिकायत करने की हिम्मत तक नहीं होती।
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ऐसे फंसाते जाल में
सूदखोर माफिया पहले तो लोगों को भारी ब्याज पर कर्ज देते हैं और फिर उसे वसूलने के लिए परिवार को धमकाते और अवैध तरीके अपनाते हैं। वे जरुरतमंद लोगों को मजबूरी का फायदा उठाकर50 हजार से लेकर दो लाख रुपए तक का कर्ज देते हैं। ब्याज के रुपए पहले ही काटकर रकम देते हैं। फिर उसे हर महीने के हिसाब से वसूल करते हैं। कर्ज लेने वाला रकम चुकाने के बाद भी कर्जदार ही बना रहता है। यह माफिया अपने बदमाशों के माध्यम से पीडि़त पक्ष को धमकाते हैं। उसकी प्रोपर्टी के कागजात रखने और परिवार की महिलाओं को बेइज्जत करने जैसी हरकतें करने लगते हैं।
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होली पर की खुदकुशी
रेलवे वर्कशॉप कॉलोनी निवासी और रेलवे वर्कशॉप में ग्रेड-वन कर्मचारी मोहन पाठक (52) ने २ मार्च को धुलंडी के दिन घर पर केरोसिन डालकर आत्मदाह का प्रयास किया था। बाद में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों और भाई मनोज पाठक ने आरोप लगाया था कि सोगरिया निवासी कर्मसिंह उर्फ लादेन ने मोहन को कुछ समय पहले एक डीजे साउंड दिया था। पूरी रकम वे अदा भी कर चुके थे। इसके बाद भी वह आए दिन उनके घर आता और परेशान करता था। कभी पत्नी व बच्ची को उठा ले जाने की धमकी देता तो कभी घर वालों के सामने अपशब्द कहता। परिजनों ने आरोप लगाया था कि मोहन की बेटी स्कूटी से कहीं जा रही थी तो कर्मसिंह ने रास्ते में रोककर उसकी स्कूटी छीन ली और अभद्रता की। धमकियों से परेशान मोहन ने मौत का रास्ता चुन लिया। परिजनों का कहना है कि इस मामले में पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की।