
कोटा . चिकित्सा विभाग के अभियान के बावजूद मौसमी बीमारियों ( seasonal illness ) के आंकड़े रोजाना बढ़ते जा रहे हैं। इसके चलते अभियान के दावे की पोल खुल गई। चिकित्सा विभाग ( medical Department ) दावे कर रहा है कि मौसमी बीमारियांकाफी हद तक नियंत्रण में हैं। इसके लिए विभाग ने जिले में अगस्त में मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर युद्ध स्तर पर अभियान भी चलाया था, लेकिन बढ़ते आंकड़ों से विभाग के प्रयास नाकाम दिख रहे हैं। हालात ये हैं कि अब मौतें बढऩे लगी हैं। पिछले दो दिन में स्वाइन फ्लू ( swine flu ) व स्क्रब टायफस ( scrub typhus ) से दो जनों की मौत हो गई।
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जानकारी के अनुसार झालावाड़ जिले के खानपुर निवासी शिवप्रसाद (50) की एमबीएस अस्पताल में 9 सितम्बर को स्क्रब टायफस पॉजीटिव मिलने के बाद मौत हो गई। नए अस्पताल में बूंदी जिले के हिण्डोली निवासी रामधुनी की रविवार को स्वाइन फ्लू से मौत हो गई।
सर्वे कराया, फिर भी मिल रहे रोगी
चिकित्सा विभाग ने शहर के आठ क्षेत्रों को संवेदनशील घोषित कर रखा है। विभाग ने वहां पर दो से तीन बार सर्वे भी कराया है। बावजूद इसके सोमवार को एक ही दिन में डेंगू के 9 व स्क्रब टायफस के 6 पॉजीटिव रोगी सामने आ गए। डीसीएम क्षेत्र से 3, महावीर नगर से 2, तलवंडी से 2, छावनी से 1 व रंगबाड़ी से 1 डेंगू रोगी मिला, जबकि स्क्रब टायफस के तलवंडी का 1 व इटावा क्षेत्र के पीपल्दा के 2 व बारां से 1 व बूंदी से 2 रोगी मिले।