
कोटा. शहर में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वाहन चालक न हेलमेट लगा रहे, न सीट बेल्ट लगा रहे। रॉन्ग साइड चलने वालों की भी कमी नहीं है। इसके अलावा रौब दिखाने के लिए वाहनों की नम्बर प्लेट में छेड़छाड़ कर वाहन चालक यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। शहर की सड़कों पर स्टाइलिश नंबर प्लेट वाली गाडिय़ां सरपट दौड़ रही हैं। नंबर प्लेट के साथ नए-नए प्रयोग करने वालों की तादाaद खूब है। वाहन को अलग दिखाने की चाहत में नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की जा रही है। चालक अपने मुताबिक आकार और प्रकार में नंबर प्लेट बनवा रहे हैं। गाड़ी के नंबर को कुछ इस तरह से लिखवाते हैं कि उसके मायने बदल जाते हैं। उदाहरण के लिए 8055 नम्बर बॉस जैसा, 0214 राम तथा 4141 पापा लिखा जैसा नजर आता है। ऐसी नंबर प्लेट देखकर अक्सर लोग भ्रमित होते हैं। आपराधिक प्रवृत्ति के लोग ऐसे भ्रमित कर फायदा उठाते हैं, जबकि वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना जरूरी है। पुलिस व प्रशासन की ओर से ऐसे लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। उधर यातायात पुलिस उप अधीक्षक कालूराम वर्मा ने कहा कि गलत व स्टाइलिश नम्बर प्लेट लगाने वाले वाहनों को जब्त किया जाता है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
यह है मापदण्ड : प्रत्येक वाहन के उपयोग व उपभोग के अनुसार उसकी नम्बर प्लेट पर नम्बर की साइज तय है। इसमें बाइक के लिए नम्बर की लम्बाई 30 एमएम जबकि चौड़ाई पांच एमएम तथा अक्षर के मध्य 2.5 एमएम खाली जगह होनी चाहिए। वाहन की क्षमता बढऩे के साथ नम्बर की साइज भी बढऩे लगती है।
वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाए जाने का कानून प्रभाव में है। अन्य नम्बर प्लेट लगाना नियम विरुद्ध है। मोटर यान कानून का मुख्य उद्देश्य यही है कि वाहन सवार व्यक्ति एवं रोड का उपयोग व उपभोग कर रहा व्यक्ति दोनों ही सुरक्षित रहें। आपराधिक तत्व वाहन की वास्तविक पहचान छिपाने के लिए फर्जी नम्बर प्लेट का सहारा लेने के अनेक प्रकरण सामने आ चुके हैं। इसलिए वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट ही होनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति वाहन पर अन्य नम्बर प्लेट लगाता है या उस पर छोटे-बड़े नम्बर व नाम आदि लिखवाता है तो कानून की अवहेलना है। मनमर्जी की नम्बर प्लेट व नम्बर लिखवाने पर पांच हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।