
कोटा. लाडपुरा विधायक भवानी सिंह राजावत ने शनिवार को गंधीफली गांव में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत स्वीकृत 25 लाख की लागत के तीन कक्षा-कक्षों का भूमि पूजन किया। समारोह को सम्बोधित करते हुए विधायक राजावत ने कहा कि पिछले दो महीने से प्रदेश में तबादलों को लेकर अध्यापकों में खलबली मची है। लाखों अध्यापक शहर में या शहर के नजदीक आने के लिए प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, लाडपुरा में ही लगभग 3 हजार अध्यापक ऐसे हैं जो कोटा शहर में या नजदीक आना चाहते हैं, ऐसे हालात में लगता है कि अध्यापकों की पढ़ाई करवाने में कोई रूचि नहीं है, उन्हें चिंता यही सता रही है कि उनका तबादला होगा या नहीं। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार ने गांव, गरीब व किसान की कायापलट कर दी है। सभा को भाजपा देहात जिला उपाध्यक्ष हेमराज नागर, सरपंच हंसराज गुर्जर, पूर्व सरपंच मांगीलाल शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता बाबूलाल गुप्ता, पूर्व सरपंच छीतरलाल सुमन ने भी सम्बोधित किया।
10 वर्षों के बाद हटी है तबादलों पर लगी रोक
हाल ही में वसुंधरा सरकार ने कई वर्षों से प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक को हटा दिया था। प्रदेश में करीब 8 लाख 68 हजार 534 सरकारी कर्मचारी हैं सबसे ज्यादा शिक्षा विभाग में करीब 4 लाख कर्मचारी हैं जबकि पंचायतीराज विभाग में 17 हजार 703, शहरी स्थानीय निकायों में 29 हजार 399 और स्वायत्तशासी संस्थाओं में करीब 26 हजार 487 कर्मचारी हैं, जिन्हें तबादलों से रोक हटने का फायदा मिलेगा।
जनप्रतिनिधियों का बढ़ा संकट
तबादलों से बैन हटते ही अब मंत्रियों, राजनेताओं और अफसरों के घर तबादलों के इच्छुक कर्मचारियों की भीड़ नजर आने लगी है। यही मंजर कोटा में देखने को मिल रहा है ।