
बूंदी. सिलीगुडी ( Siliguri ) की तीस्ता नदी ( Teesta River) में गिरी कार व लापता तीन जनों का छह दिन में भी पता लगाने में नाकाम रही पश्चिम बंगाल सरकार ( West Bengal Government ) व प्रशासन के खिलाफ लोगों का सोमवार को गुस्सा फूट पड़ा। ( People Protest ) सिलीगुडी की टैक्सी एसोसिएशन, महिला मुक्ति मोर्चा सहित विभिन्न संगठनों के लोग सड़क पर उतर आए। लोगों ने सामूहिक रूप से घटना स्थल वाले ब्रिज पर चक्काजाम किया।
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लोगों ने एनडीआरएफके खिलाफ नारेलगाए। इसके बाद सभी लोग सिवोग थाने पहुंचे। जहां थाने के बाहर न्याय की मांग को लेकर जमकर नारे लगाए। तब थाने के भीतर एसडीओ व पुलिस अधिकारियों के समक्ष बात हुई। टैक्सी यूनियन ने लापता युवकों का पता नहीं चलने के विरोध में टैक्सियों का संचालन भी बंद रखा।
दार्जिलिंग हिल कौंसिल के पदाधिकारी से भी लोगों ने न्याय व त्वरित कार्रवाई की मांग की। इधर, रेस्क्यू ऑपरेशन ( Rescue operation ) में बरती जा रही अनदेखी को लेकर सिलीगुड़ी के सभी संगठन, भाजपा व समाजों में नाराजगी बढ़ गई। इस मसले पर स्थानीय लोग प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर उतर आए। वे बूंदी के दोनों युवकों और कार ड्राइवर की तलाशी कराने की मांग करते रहे। हालांकि अभी भी तीनों का कहीं कोई पता नहीं लगा।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों के साथ लोगों की वार्ता हुई। जिसमें एनडीआरएफ टीम ( NDRF TEAM ) के प्रभारी ने नदी में समाई कार को निकालने में असमर्थता जाहिर कर दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कार फंस गई उसे नहीं निकाला जा सकता। संसाधनों के अभाव में अब एनडीआरएफ ( NDRF TEAM ) यह काम नहीं कर सकती। उन्होंने नौसेना ( Indian Navy ) की मदद मांगी है। एनडीआरएफ टीम ने लिखित में उक्त पत्र एसडीओ को सौंप दिया बताया। अब पूरा मामला उच्च स्तर पर जाकर अटक गया।
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परिणाम शून्य, सरकार की मदद नहीं मिलने से टूटने लगा मनोबल
पहले दिन से ही एनडीआरएफ व अन्य रेस्क्यू टीमों के कार्यों से स्थानीय लोग व बूंदी से गए परिजन संतुष्ट नहीं थे। घटना के दूसरे दिन से ही स्पेशल मदद की गुहार लगाई जा रही थी, लेकिन छह दिन बीतने के बाद भी कोई मदद नहीं मिली। रेस्क्यू ऑपरेशन ( rescue operation ) के परिणाम शून्य पर आ टिके। अभी तक बूंदी के कागदी देवरा निवासी गोपाल नरवानी (24) व देवपुरा निवासी गौरव शर्मा (28) का पता नहीं लगा है।
प्रदेश सरकार की चुप्पी से रोष
इस मामले में राजस्थान सरकार के चुप्पी साधे रखने से बूंदी के लोगों में रोष है। भाजयुमो के प्रदेश समन्वयक गौरव शर्मा ने कहा कि सरकार को स्पेशल टीम भेजनी चाहिए थी।