रविवार को फिर एक किशोर को गली में श्वान ने पैर में दो जगह काटा, औसतन एक दिन में दो को बना रहे शिकार, अस्पताल के आंकड़े कर रहे पुष्टि
शहर में आवारा श्वानों का आतंक दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। रविवार को भी एक किशोर इनका शिकार बन गया। यह पहला मामला नहीं है। यहां औसतन एक दिन में दो लोग श्वानों के शिकार बन रहे हैं। जिसकी पुष्टि अस्पताल के आंकड़े कर रहे हैं। बीते ढाई माह में डेढ़ सौ से अधिक लोग डॉग बाइट का शिकार होकर अस्पताल पहुंचे है। सुप्रीम कोर्ट की डॉग बाइट के मामले में बढ़ती तल्खी के बाद स्वायत्त शासन विभाग के निर्देश पर नगर पालिका ने लोगों को आवारा श्वानों की समस्या से राहत दिलाने की तैयारी शुरू कर दी है। श्वान इतने हमलावर हो गए हैं कि गलियों व सड़कों से गुजरते लोगों पर एकाएक हमला कर उन्हें काट लेते है। रविवार को गौरव पथ पर आवारा श्वान ने गली से निकतले समय भीमा उर्फ भूर्या पुत्र पप्पू राणा पर हमला कर दिया। भीमा की आवाज सुनकर लोग दौड़ और श्वान को भगाया। श्वान ने भीमा के पैर में दो जगह दांतों से काट लिया। बाद में उसने अस्पताल पहुंचकर उपचार करवाया।
आवारा श्वानों से लगने लगा डर
स्थिति यह है कि गलियों में अकेली गुजर रही महिलाएं व बच्चे तो श्वानों को देखते ही रास्ता बदल लेते है। बाइक सवार भी श्वानों को देखकर वाहन की गति धीमी कर लेते है। आवारा श्वान बाइक सवारों पर तेजी से झपटते है। जिससे बाइक सवारों के गिरकर चोटिल होने का खतरा भी रहता है। गत दिनों एक चार साल की मासूम बालिका पर हुए श्वान के हमले के बाद अभिभावक भी बच्चों को अकेले आसपास भेजने से भी कतराने लगी है।
कोर्ट ने फिर दिखाई सख्ती
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने फिर मामले में सख्ती दिखाई। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने श्वानों के हमलों पर सख्त टिप्पणी की। अदालत ने कहा की बच्चों या बुजुर्गों को श्वानों के काटने, चोट लगने या मौत के हर मामले में हम राज्य सरकारों से मुआवजा दिलवाएंगे, क्योंकि उन्होंने पिछले सालों में नियमों को लागू करने के लिए कुछ नहीं किया। वहीं ऐसे मामलों में डॉग लवर्स की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
आवारा श्वानों के काटने से मुख्य रूप से रेबीज (हाइड्रोफोबिया) जैसी जानलेवा बीमारी फैल सकती है, जो वायरस के कारण होती है और मस्तिष्क को प्रभावित करती है, साथ ही बैक्टीरिया से संक्रमण, टिटनेस और गहरे घाव भी हो सकते हैं। इसलिए काटने के तुरंत बाद घाव को साबुन-पानी से धोना और तुरंत डॉक्टर से मिलकर रेबीज का टीका और जरूरी दवाइयां लेना बेहद जरूरी है। - डॉ. रविकांत मीणा चिकित्सालय प्रभारी
आवारा श्वानों की समस्या को लेकर शहर में अंता रोड पर डॉग सेंटर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पर करीब 22 लाख रुपए खर्च होंगे। इसके टेंडर भी हो गए है। यहां सरकार एवं कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार आवारा श्वानों पर कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज मालव, ईओ, सांगोद