मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में दोनों ही बाघों के मूवमेंट के साक्ष्य नहीं मिल रहे है। मंगलवार को भी विभाग की टीम ने बाघों की ट्रेकिंग की, लेकिन न तो बाघ एमटी-1 की साइटिंग हुई न ही बाघिन एमटी-4 नजर आई।
कोटा. मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में दोनों ही बाघों के मूवमेंट के साक्ष्य नहीं मिल रहे है। मंगलवार को भी विभाग की टीम ने बाघों की ट्रेकिंग की, लेकिन न तो बाघ एमटी-1 की साइटिंग हुई न ही बाघिन एमटी-4 नजर आई। बाघ एमटी-1 मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के 82 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में विचरण कर रहा है, वहीं बाघिन खुले जंगल में है, लोगोनों दोनों ही गत 14 दिनों से नजर नहीं आ रहे है।
जानकारों का मानना है कि बारिश में जंगल के रास्तों में पानी भर जाता है, वहीं हरियालीव घास भी अधिक हो जाती है, इससे कई बार वन्यजीव नजर नहीं आते, लेकिन दो सप्ताह तक बाघों का नजर नहीं आना चिंताजनक है। बाघ एमटी-1 के क्षेत्र में एक घायल बैल नजर आया। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इसे बाघ ने वार कर घायल किया है।
दोदिन पहले ग्रामीणों ने देखा
दो दिन पहले विभाग के अधिकारियों को ग्रामीणों ने बाघिन एमटी-4 के देखे जाने की सूचना से अवगत करवाया। लेकिन ग्रामीणों की सूचना पर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो ऐसे कोई साक्ष्य नजर नहीं आए थे। उपवन संरक्षक बीजो जॉय ने बताया कि विभाग की टीम बाघों की मॉनिटरिंग कर रही है, मंगलवार को भी बाघों की साइटिंग नहीं हुई।