
मृतका शिरिन
कोटा। मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और किडनी फेल होने के मामले में अब एक गर्भवती की भी मौत हो गई। शिवपुरा निवासी शिरीन ने रविवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वह मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के नेफ्रोलॉजी आइसीयू में भर्ती थी और वेंटिलेटर पर चल रही थी। परिजनों के अनुसार, शिरीन छह माह की गर्भवती थी। 5 मई को रुटीन जांच के लिए उसे मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल के गायनी विभाग में भर्ती कराया गया था। सोनोग्राफी रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टरों ने बच्चेदानी का मुंह खुला होने की बात कही और टांके लगाने की सलाह दी।
6 मई को ऑपरेशन किया गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद 7 मई की सुबह 4 बजे शिरीन को ब्लीडिंग शुरू हो गई, लेकिन स्टाफ ने इसे सामान्य बताया। सुबह 7 बजे फिर से ब्लीडिंग होने लगी। बाद में उसकी हालत बिगड़ती चली गई। बीपी और प्लेटलेट्स डाउन हो गए तथा यूरिन आना बंद हो गया। दोपहर 12 बजे उसे आइसीयू में शिफ्ट किया गया।
पति मोहम्मद आशु ने आरोप लगाया कि मैं कारण पूछता रहा, लेकिन डॉक्टर बीपी और प्लेटलेट्स डाउन होने की बात कहते रहे। यूरिन आना भी बंद हो गया। किडनी में इंफेक्शन की बात छिपाते रहे। गायनी आइसीयू से पत्नी को बाहर निकाला और प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाने का दबाव बनाते रहे। इस बीच छुट्टी भी कर दी। मैंने डिस्चार्ज का विरोध किया तो नर्सिंग स्टाफ बदतमीजी पर उतर आया।
कहने लगा कि प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाओ, 5-10 हजार में इलाज हो जाएगा और जान बच जाएगी। स्टाफ व डॉक्टर्स के इस रवैये से हम डर गए और उसे 8 मई को तलवंडी स्थित निजी अस्पताल लेकर गए। वहां उसकी किडनी फेल बताई। उसकी डायलिसिस की गई। 8 दिन तक निजी अस्पताल में भर्ती रही। वहां उपचार चला, लेकिन हालात में सुधार नहीं होने पर उसे शनिवार को वापस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां रविवार को उसकी मौत हो गई।
इस प्रकरण में गर्भवती शिरीन सहित चार प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। इससे पहले रावतभाटा क्षेत्र की पायल, अनंतपुरा निवासी ज्योति, बूंदी जिले के सुवासा निवासी प्रिया महावर और श्रीराम नगर निवासी पिंकी महावर की मौत हो चुकी है।
Published on:
17 May 2026 07:34 pm
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