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कोटा में अब एमबीएस अस्पताल में दो मरीजों की मौत के बाद बवाल, परिजनों ने रेजिडेंट डॉक्टर्स को पीटा

कोटा में प्रसूताओं की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि शुक्रवार दोपहर एमबीएस अस्पताल (Kota MBS hospital) में दो मरीजों की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया।

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कोटा

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kamlesh sharma

May 15, 2026

Kota MBS hospital

एमबीएस अस्पताल में मरीज के शव के साथ धरना देते परिजन। फोटो पत्रिका

कोटा। कोटा में प्रसूताओं की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि शुक्रवार दोपहर एमबीएस अस्पताल में दो मरीजों की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने वार्ड में तोड़फोड़ की। रेजिडेंट डॉक्टर्स से मारपीट की और कपड़े फाड़ दिए। जान बचाने के लिए रेजिडेंट डॉक्टर बाथरूम की तरफ भागे, लेकिन वहां भी पीछा कर दरवाजा तोड़ते हुए मारपीट की। इसके बाद परिजन दोनों मरीजों के शव बेड सहित अस्पताल के बाहर सड़क पर ले आए और धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक अस्पताल परिसर और सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। घटना शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे की बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार टोंक जिले के निवासी किशन (25) और बूंदी जिले के निवासी मदन लाल (55) की हालत अचानक बिगड़ गई। दोनों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद रेजिडेंट डॉक्टर्स उन्हें सीपीआर देकर बचाने का प्रयास किया। इसी बीच बड़ी संख्या में परिजन और अन्य लोग वार्ड में पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया।

रेजिडेंट डॉक्टर बोले- सीपीआर दे रहे थे, तभी हमला कर दिया

ड्यूटी पर मौजूद रेजिडेंट डॉ. प्रियांक ने बताया कि किशन आइसोलेशन वार्ड में भर्ती था, जबकि मदन इमरजेंसी वार्ड में। दोनों मरीज रात से गंभीर हालत में थे। अचानक किशन की पल्स बंद हो गई, जिस पर डॉक्टरों ने सीपीआर देना शुरू किया। उन्होंने बताया कि इसी दौरान 20 से 30 लोग वार्ड में घुस गए और डॉक्टरों के साथ मारपीट शुरू कर दी। डॉक्टरों के कपड़े फाड़ दिए। जान बचाने के लिए वे बाथरूम में छिपने पहुंचे, लेकिन वहां भी परिजनों ने पीछा कर दरवाजा तोड़ दिया और मारपीट की। किसी तरह से डॉ. प्रियांक और डॉ. रक्षित वहां से निकले और जान बचा पाए।

इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी हालत, लगाया आरोप

किशन के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सुबह तक किशन की हालत ठीक थी। उसने जूस पीया था और दोपहर करीब 12 बजे वीडियो कॉल पर भी बातचीत की थी। आरोप है कि जांच के लिए ले जाते समय उसे इंजेक्शन लगाया गया, इसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और वह तड़पने लगा। उन्होंने डॉक्टरों से बातचीत की, लेकिन डॉक्टर अपना काम छोड़कर भाग गए।

एक्सीडेंट के बाद बिगड़ी थी किशन की हालत

परिजनों ने बताया कि किशन टोंक जिले के कोटड़ी रोड क्षेत्र का निवासी था और ढोल बजाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। 2 मई को सवाई माधोपुर में उसका एक्सीडेंट हुआ था। इसमें उसके पैर के पंजे में गंभीर चोट लगी थी। वहां उपचार के दौरान टांके लगाए गए थे, लेकिन तीन-चार दिन बाद टांकों में संक्रमण हो गया। उसे टिटनेस की शिकायत हो गई। छोटे भाई शिवा के अनुसार बाद में किशन के गले में परेशानी शुरू हो गई और उसने खाना बंद कर दिया। वह केवल पानी पी रहा था। परिजन उसे तीन दिन पहले गोपालपुरा माताजी के यहां भी लेकर गए थे। इसके बाद गुरुवार शाम करीब 5 बजे कोटा के एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

पेट में सूजन और सांस लेने में दिक्कत से जूझ रहा था मदन

बूंदी जिले के बड़ा नयागांव निवासी मदन लाल को पेट में सूजन और सांस लेने में परेशानी की शिकायत थी। गंभीर हालत होने पर गुरुवार रात परिजन उसे इलाज के लिए कोटा लेकर आए थे। मदन के दो बच्चे हैं।

सड़क पर धरना, पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति

हंगामे की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। परिजन दोनों मरीजों को बेड सहित अस्पताल के बाहर मुख्य सड़क पर ले गए और धरने पर बैठ गए। अस्पताल स्टाफ और सुरक्षा गार्डों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण वे सफल नहीं हो सके। सूचना पर एडीएम सिटी, पुलिस अधिकारी और पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। बाद में दोनों शवों को वापस अस्पताल की मोर्चरी में शिफ्ट करवाया, जहां शाम को पुलिस की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया।

अधीक्षक बोले- दोनों मरीज गंभीर हालत में भर्ती थे

एमबीएस अस्पताल अधीक्षक डॉ. धर्मराज मीणा ने बताया कि दोनों मरीज गंभीर हालत में भर्ती हुए थे। एक मरीज टिटनेस से पीड़ित था, जबकि दूसरे को निमोनिया की शिकायत थी। डॉक्टर लगातार उनका उपचार कर रहे थे। मरीजों को सीपीआर दिया जा रहा था, तभी परिजनों ने हमला कर दिया। वार्ड में तोड़फोड़ की गई और दो रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ मारपीट की गई। मरीजों को आधिकारिक रूप से मृत घोषित किए जाने से पहले ही परिजन उन्हें अस्पताल के बाहर ले गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति ने उन्हें गोली मारने की धमकी दी। मामले की जानकारी तुरंत जिला कलक्टर और पुलिस प्रशासन को दी गई, जिसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया।

नयापुरा थाने में एफआइआर दर्ज

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से नयापुरा थाने में एफआइआर दर्ज करवाई गई। वहीं घटना के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर्स ने प्रदर्शन करते हुए काम बंद कर दिया। अस्पताल में व्यवस्थाएं प्रभावित होने पर सीनियर और इंटर्न डॉक्टरों को तैनात किया गया।

गिरफ्तारी नहीं हुई तो हड़ताल की चेतावनी

रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हेमंत शर्मा ने कहा कि डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट बेहद गंभीर मामला है। घटना के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर्स ने प्रदर्शन किया और पुलिस को शिकायत दी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो रेजिडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर जाएंगे।