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Kota: अब इन वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, अलर्ट मोड पर आया प्रशासन, जिला कलक्टर के निर्देश जारी

Kota News: कोटा में अवैध खनन और बजरी परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अब बिना नंबर प्लेट या संदिग्ध वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने की तैयारी है।

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कोटा

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Akshita Deora

May 15, 2026

Petrol pump

पेट्रोल पंप की फोटो: पत्रिका

Action On Illegal Mining In Kota: कोटा के चंबल घड़ियाल सेंचुरी क्षेत्र में अवैध खनन पर सख्ती से रोक लगाने के उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद अब कोटा जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए जिले में अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब जिले के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना नंबर प्लेट, संदिग्ध नंबर या नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने वाले वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा।

जिला कलक्टर की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया कि अवैध बजरी खनन और परिवहन में अधिकांशत: ऐसे वाहनों का उपयोग किया जाता है, जिनकी पहचान स्पष्ट नहीं होती। ऐसे वाहन कानून व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त पाबंद किया है कि वे किसी भी संदिग्ध वाहन को पेट्रोल या डीजल उपलब्ध नहीं कराएं।

संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत दें सूचना

आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी पेट्रोल पंप संचालक को संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित पुलिस थाना या उपखंड मजिस्ट्रेट को देनी होगी। यदि कोई संचालक नियमों की अनदेखी करता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) कोटा को जिलेभर में विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों की सघन जांच करने और नियम विरुद्ध पाए जाने पर उन्हें जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से अवैध खनन में प्रयुक्त वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

राजस्थान पत्रिका ने प्रमुखता उठाया था मामला

गौरतलब है कि 22 अप्रेल को राजस्थान पत्रिका ने ‘चंबल नदी के किनारे बजरी माफिया बेखौफ, प्रशासन मौन’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद प्रशासन और पुलिस विभाग हरकत में आए। इसके बाद संयुक्त कार्रवाई शुरू की गई, जिससे अवैध खनन गतिविधियों पर कुछ हद तक रोक लगी। अब जिला प्रशासन की सख्ती के बाद नेशनल चंबल घड़ियाल सेंचुरी क्षेत्र में अवैध खनन और बजरी परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।