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Rajasthan: सरकारी अस्पताल में 4 महिलाओं की मौत मामले में हुई उच्च स्तरीय बैठक, आज कोटा पहुंचेंगे चिकित्सा मंत्री

Kota News: चिकित्सा मंत्री आज कोटा पहुंचकर प्रसूताओं की मौत से जुड़े प्रकरण की मौके पर समीक्षा करेंगे। वे न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जेके लोन अस्पताल का निरीक्षण करेंगे तथा वहां की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लेंगे।

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कोटा

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Akshita Deora

May 14, 2026

Meeting In Jaipur

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर जयपुर में उच्च स्तरीय बैठक लेते हुए (फोटो: पत्रिका)

4 women Death In Kota Hospital: चिकित्सा मंत्री आज यानी गुरुवार को कोटा पहुंचकर प्रसूताओं की मौत से जुड़े प्रकरण की मौके पर समीक्षा करेंगे। वे न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जेके लोन अस्पताल का निरीक्षण करेंगे तथा वहां की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लेंगे। इस दौरान वे भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से भी मुलाकात करेंगे। इसके बाद मंत्री अधिकारियों के साथ पूरे मामले पर विस्तृत चर्चा करेंगे और आगे की कार्रवाई तय करेंगे।

कल जयपुर में हुई थी उच्च स्तरीय बैठक

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बुधवार को जयपुर के स्वास्थ्य भवन में कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत एवं स्वास्थ्य बिगड़ने के प्रकरण को लेकर उच्च स्तरीय बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रकरण के हर पहलू की गहन जांच की जाए। साथ ही, यह सुनिश्चित करें कि सभी अस्पतालों में उपचार के प्रोटोकॉल एवं एसओपी की शत-प्रतिशत पालना हो।

खींवसर ने कोटा दौरे से लौटीं प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल, आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक पुखराज सेन, औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला, सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. धनंजय अग्रवाल, कोटा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. नीलेश जैन, अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. डॉ. दीपिका मित्तल सहित अन्य अधिकारियों के साथ प्रकरण के सभी पक्षों पर विस्तृत चर्चा की।

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। पूरी जांच-पड़ताल कर घटना के कारणों तक पहुंचना अत्यंत जरूरी है। दवाओं की गुणवत्ता, ऑपरेशन थियेटर या उपकरणों से संक्रमण और उपचार में लापरवाही सहित अन्य सभी पहलुओं पर उच्च स्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि घटना के निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके और कार्रवाई सहित अन्य जरूरी कदम उठाए जा सकें।

चिकित्सा मंत्री ने निर्देश किए दवाओं, उपकरणों सहित अन्य नमूनों की जांच रिपोर्ट जल्द प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेशभर में ऐसे सभी अस्पताल जहां रोगीभार अधिक रहता है एवं अधिक प्रसव होते हैं, वहां भी विशेष एहतियात बरतते हुए चिकित्सा प्रोटोकॉल की प्रभावी पालना सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो।

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस प्रकरण को लेकर बेहद गंभीर है और हर जरूरी कदम उठा रही है। प्रकरण संज्ञान में आते ही राज्य सरकार ने पूरी गंभीरता एवं तत्परता दिखाते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें कोटा भेजीं। इन टीमों ने प्रसूताओं को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने में पूरा सहयोग किया और मामले में विभिन्न पहलुओं पर जांच भी की। प्रथम दृष्टया इलाज एवं पर्यवेक्षणीय लापरवाही को देखते हुए तीन चिकित्सकों एवं चार नर्सिंगकर्मियों को निलंबित किया गया है।

साथ ही, यूटीबी पर कार्यरत एक चिकित्सक को बर्खास्त किया गया। साथ ही, न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल तथा जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अंतिम जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसके अनुसार और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।