कोटा

सावन का सत्कार लोगो……..भंवरगढ़ का कमलेश्वर महादेव मंदिर जनआस्था का प्रमुख केन्द्र

Aug 01, 2026
Rajasthan

भंवरगढ़. कस्बे के शाहबाद रोड स्थित कमलेश्वर महादेव शिवालय कस्बे के ग्रामीणों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां वर्ष पर्यन्त श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। कस्बे के बुजुर्गों के अनुसार 16वीं सदी में कस्बे की बसावट के साथ ही शिवालय का निर्माण होना बताया जा रहा है, तभी से यह कस्बे सहित आस-पास गांवों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि पुराने शिवालय का वर्ष 2005 में नवनिर्माण कस्बे के शिवभक्त भामाशाह बालमुकुंद नागर द्वारा करवाया गया था। मंदिर के पास ही स्थापित बावड़ी में पानी पर्याप्त मात्रा में रहता है। कस्बे के कई बड़े धार्मिक आयोजन कमलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में ही होते हैं। यहां आस-पास कभी झाड़-झंखाड़ सहित कचरे के ढेर लगे रहते थे लेकिन कस्बे के युवाओं के द्वारा श्रमदान कर यहां की सूरत सुधारी गई। मंदिर परिसर में दर्जनों पेड़ हरियाली की आभा दे रहे हैं वहीं परिसर में शुद्ध वातावरण बना हुआ है। सोमवार के दिन तो यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। यहां 108 रामायण पाठ का आयोजन भी चलता रहता है, सैकड़ों वर्षों से मंदिर परिसर में नियमित रूप से पूजा-पाठ हो रही है। गत कई वर्षों से सीताबाड़ी से कावड़ यात्रा के रूप में पहुंचने वाले कस्बे के युवा जलाभिषेक भी करते हैं।

संरक्षण के नाम पर कुछ नहीं
कमलेश्वर महादेव शिव धाम वैसे तो पुरामहत्व का प्रमुख केंद्र है लेकिन यहां विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। इस धाम पर सैकड़ों वर्षों से साधु-संत तपस्या करते आ रहे हैं व इस धाम का निर्माण भी इनके द्वारा ही किया गया है, कस्बावासियों के अनुसार इस धार्मिक स्थल को संरक्षण की दरकार है।

Updated on:
01 Aug 2026 06:00 am
Published on:
01 Aug 2026 06:00 am