कोटा

वन्यजीव बचाने का संदेश देने जी उठीं कठपुतलियां…

विश्व बाघ दिवस पर हुए कई आयोजन, मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व का किया भ्रमण
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Updated: 29 Jul 2018, 10:16 PM IST
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वन्यजीव बचाने का संदेश देने जी उठीं कठपुतलियां...


कोटा. विश्व बाघ दिवस पर वन विभाग व विभिन्न संस्थाओं की ओर से आयोजन हुए। इनमें लोगों को बाघों के संरक्षण को लेकर जागरूक किया गया। साइकिल रैली निकाली व मुकुन्दराहिल्स टाइगर रिजर्व का भ्रमण कर यहां की वनस्पतियों व वन्यजीवों की जानकारी ली। वन विभाग के अधिकारियों ने वन्यजीव व जंगलों का महत्व समझाया।

साइक्लोट्रोट्स क्लब के सदस्य बाघ व पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सुबह कॉमर्स कॉलेज से साइकिलों से 70 किलोमीटर गराडिय़ा महादेव पहुंचे। मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर घनश्याम शर्मा, उप वन संरक्षक टी मोहन राज व सहायक वन संरक्षक दीपक चौधरी व आर एस भंडारी ने विद्यार्थियों सहित लोगों को टाइगर के बारे में बताया। टी मोहन राज ने कहा कि जंगल व पर्यावरण को बचाना है तो टाइगर को बचाना होगा। उन्होंने बाघ एम टी-1 की जानकारी दी। कोटा विश्वविद्यालय में वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट की कॉर्डिनेटर प्रो. सुरभि श्रीवास्तव, तपेश्वर सिंह भाटी, डॉ. सुधीर गुप्ता, डॉ. कृष्णेन्द्र नामा, नेचर प्रोमोटर ए एच जैदी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

वन्यजीव प्रेमियों व विद्यार्थियों को मुकुन्दरा में मिलने वाले पक्षियों के बारे में बताया। कठपुतली नृत्य व नाट्य मंचन से भी पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी।

वन प्रेमियों की गुहार, टाइग्रेस दे दो सरकार

पगमार्क फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में वन्यजीव प्रेमियों ने हाइकोर्ट से गुहार लगाई की जल्द बाघिन लाने की इजाजत दी जाए। ताकि मुकुन्दरा की वन सम्पदा को संरक्षित किया जा सके। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के कोलीपुरा रेंज, नहार सिंह माताजी वन क्षेत्र का भ्रमण किया। फाउंडेशन के संयोजक देवव्रत सिंह हाड़ा, आर्ट ऑफ लिविंग के अंतरराष्ट्रीय योग प्रशिक्षक मनोज शर्मा और राजेश अग्रवाल ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प करवाया। फाउंडेशन के संरक्षक तपेन्द्र सिंह और सह संयोजक निमिष गौतम समेत कई लोग मौजूद रहे।

यहां कार्यक्रम

सोमवार को वन विभाग की ओर से टाइगर रिजर्व की दरा रेंज में कार्यक्रम होंगे। सुबह 8 बजे से काल्याकुई में नाट्य मंचनकर कर वन्यजीवों के आबादी क्षेत्र में आने पर आमजन के दायित्वों को बताया जाएगा। कठपुतली नृत्य से वन व वन्यजीव संरक्षण, घरों में ईधन गैस का उपयोग करने का संदेश देंगे। 12 बजे से सीमलिया व शाम को 4 बजे से कूकड़ा में कार्यक्रम होंगे।

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