कोटा. मुकुन्दरा हिल्स टाईगर रिजर्व में एनक्लोजर से मुकुन्दरा हिल्स का शहंशाह टाइगर-एमटी-1आखिर बाहर आ गया।
कोटा . मुकुन्दरा हिल्स टाईगर रिजर्व में एनक्लोजर से मुकुन्दरा हिल्स का शहंशाह टाइगर-एमटी-1आखिर बाहर आ गया। यह गुरुवार को एनक्लोजर से बाहर निकला और जंगली की तफरी की। एनक्लोजर के बाहर की दुनिया से परिचित हुआ।
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विभाग के मुकुन्दरा हिल्स टागइर रिजर्व के उपवन संरक्षक टी मोहन राज के अनुसार गुरुवार को सुबह करीब पौने छह बजे यह एनक्लोजर की दहलीज को पार कर बाहर निकला। इसके बाद देर तक यह क्षेत्र के जंगल में घूमा। जानकारी के अनुसार सीधे मार्ग में यह करीब 4 से 5 किलोमीटर के इलाके में घूमा। घाटी माता की ओर एनक्लोजर से यह पूरे एनक्लोजर के चक्कर लगाता हुआ एनक्लोजर के दरवाजे की ओर आया। यहां कुछ देर आस पास के क्षेत्र को देखा, फिर यह मस्ती से अपनी राह पर चल पड़ा। एनक्लोजर से निकलने के बाद यह बेवड़ा तलाई तक गया। लंबी दूरी तय करने के बाद बाघ सुस्ताया और गहरी नींद ली। विभाग इस पर निगरानी कर रहा है।
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21 को खोला था एनक्लोजर का दरवाजा
बाघ एमटी -1 को बूंदी के रामगढ़ अभयारण्य से रेस्क्यू कर गत 3 अपे्रल को मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में लाया गया था। इसके बाद से ही इसे दरा क्षेत्र में बनाए गए 28 हैक्टेयर के एनक्लोजर में छोड़ा गया था।
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मुकुन्दरा के राजा को खुला छोडऩे के लिए खोला एनक्लोजर का रास्ता- 28 हैक्टेयर नहीं.....82 वर्गकिलोमीटर में सुरक्षा पहरे के बीच करेगा भ्रमणफैक्ट फाइल6 माह के करीब पहले रणथंभौर को छोड़ दिया था टी-91 ने 3- अप्रेल को टूेंकुलाइज किया गया था रामगढ़ अभयारण्य में3- अप्रेल को ही रेस्क्यू कर छोड़ा गया था मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में28 हैक्टेयर के एनक्लोजर में रखा गया था।
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बाघ को 18 दिन देखरेख के लिए रखा गया मुकुन्दरा के राजा को 21- अप्रेल को खोला गया एनक्लोजर का दरवाजा82 वर्ग किलोमीटर के लंबे वनक्षेत्र में कर सकेगा विचरणमुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व कोटा. मुकुन्दरा हिल्सय टागइर रिजर्व के दरा क्षेत्र में एनक्लोजर से मुकुन्दरा के राजा को खुली हवा में सांस लेने के लिए आजाद कर दिया गया। अब वह टागइर रिजर्व के लंबे चौड़े जंगल में विचारण कर सकेगा। उसकी दहाड़ दूर तक मुकुन्दरा हिल्स की वादियों को दहलाएगी।