
कोटा . मुकुन्दरा हिल्स टागइर रिजर्व में शुक्रवार को बाघ ने आखिर अपना रौद्र रूप दिखा ही दिया। वन्यजीव प्रेमियों व वन विभाग को जिसका इंतजार था, वह गुरुवार रात पूरा हो गया। रामगढ़ से लाए गए बाघ ने पाडे का शिकार किया। सूत्रों के अनुसार बाघ ने रात करीब चार बजे शिकार किया। इसके बाद इससे थोड़ा-थोड़ा कर उदर पूर्ति करता रहा। उपवन संरक्षक टी. मोहन राज के मुताबिक बाघ ने रात को करीब पांच किलो मांस खाया। इसके बाद शुक्रवार को भी बाघ ने थोड़ा-थोड़ा करकुल पन्द्रह किलो मांस का भक्षण किया।
Read More: कोटा के प्राइवेट स्कूलों में कमीशन का खेल: प्रार्थना से पहले बच्चों को आदेश, पेरेंट्स से बोलना, ड्रेस और कॉपी-किताबें इसी दुकान से खरीदें
पाडे ने यह शिकार एनक्लोजर के लगभग बीच में किया। यहीं पास में पानी का स्त्रोत भी है। स्मरण रहे, मुकुंदरा में आने के बाद टागइर का यह पहला शिकार है। इससे पहले 3 अप्रेल को सुबह ट्रेंकुलाइज करने से पहले रामगढ़ में इसने पाडे का शिकार किया था।
Read More: 80 साल के बुजुर्ग ने 3 साल की मासूम से की गंदी हरकत, कोर्ट ने दी 5 साल की सजा
रौब के साथ घूमा
जानकारी के अनुसार शिकार के बाद बाघ मस्त नजर आया। व्यवहार भी सामान्य रहा। यह बाड़े में रौब के साथ घूमता दिखा। कभी पानी के पौण्ड के पास, कभी शिकार के बाद सुस्ताता दिखा। जैसे-जैसे भूख लगती रही शिकार के पास आता जाता रहा।
ट्रेकिंग में जुटे मोहन सिंह
रणथंभौर से बुलाए गए ट्रेकर मोहन सिंह शुक्रवार दरा पहुंचे और कार्य शुरू किया। उन्हें विशेष रूप से 7 दिन के लिए बुलाया गया है। उनके अलावा पूर्व वन अधिकारी दौलत सिंह भी बाघ की ट्रेकिंग में लगे हैं।
एनटीसीए प्रतिनिधि ने किया निरीक्षण
शुक्रवार को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि राजाराम कोटा पहुंचे। उन्होंने विभाग के अधिकारियों के साथ दरा क्षेत्र का दौरा किया। वे दरा में रेलवे ब्रिज की रिपेयरिंग के एक प्रोजेक्ट के तहत निरीक्षण करने आए थे। निरीक्षण के बाद वापस लौट गए।