कोटा

मोटी मछली पकडऩे को एसीबी टीम ने पहनी धोती-कुर्ता और पगड़ी, फिर भण्डारे से निकल हाइवे पर मारा छापा

बूंदी रोड पर ट्रक चालकों से अवैध वसूली करते हुए अफसरों व कर्मचारियों को पकडऩे के लिए एसीबी टीम ने धोती-कुर्ता व पगड़ी पहनकर छापा मारा।

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Mar 12, 2019
मोटी मछली पकडऩे को एसीबी टीम ने पहनी धोती-कुर्ता और पगड़ी, फिर हाइवे पर ऐसे मारा छापा, पढि़ए पूरी खबर

कोटा. परिवहन विभाग के दो दस्तों द्वारा ट्रक चालकों से की जा रही अवैध वसूली को लेकर डेढ़ वर्ष पहले एसीबी द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए बूंदी रोड से अवैध वसूली के 15 हजार 890 रुपए जब्त करने के मामले में मुख्यालय से निर्देश मिलने पर एसीबी ने दो निरीक्षक समेत 7 जनों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।

एसीबी के एएसपी ठाकुर चन्द्रशील ने बताया कि लगातार शिकायतों के बाद तत्कालीन एसीबी एसपी किरण कंग के निर्देशन में कार्रवाई की गई। 4 अगस्त 2017 की रात को 10 बजे दो टीमें बूंदी रोड पर पहुंच गई और तड़के पूरे सबूत एकत्र होने पर कार्रवाई की गई। टीम ने पूरी रात ट्रक चालकों पर निगाह रखी। परिवहन विभाग के दस्तों द्वारा रोकी जाने वाली हर गाड़ी के नंबर नोट किए गए। सुबह तक सकुछ पुख्ता हो गया। तो रेड की।

रेड में परिवहन विभाग के उप निरीक्षक तनसुख टाक, रामनिवास यादव, गार्ड कप्तान सिंह गुर्जर, माखन सिंह गुर्जर, निरंजन सिंह जाट, दलवीर सिंह जाट को पकड़ा गया था। वसूली में इनके लिए काम कर रहे नयापुरा निवासी दलाल धीरज वैष्णव को भी हिरासत मे लेकर एसीबी चौकी लाया गया। तनसुख की गाड़ी की सीट के नीचे से 73 सौ रुपए तथा दलाल धीरज से 8590 रुपए बरामद किए। इनके अलावा कुछ आवश्यक कागजात भी जब्त किए।

एसीबी ने कसा शिकंजा -इस मामले में 5 अगस्त 2017 को एसीबी कोटा की टीम ने परिवहन विभाग के दोनों दस्तों के दो उप निरीक्षकों, 4 गार्डों व एक दलाल को हिरासत में लेकर घंटों पूछताछ की थी। कोटा एसीबी की ओर से इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा मुख्यालय को भेजी गई थी। इस पर मुख्यालय से आदेश मिलने के बाद एसीबी कोटा ने मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।

ऐसे दिया कार्रवाई का अंजाम

एसीबी ने इस कार्रवाई के लिए दो टीमें बनाई। एक टीम को एएसपी ठाकुर चन्द्रशील व दूसरी का नेतृत्व तत्कालीन सीआई विवेक सोनी कर रहे थे। इन टीमों में दिलीप सिंह, नरेन्द्र सिंह, सत्येन्द्र सिंह, हेमंत सिंह, भरत सिंह, असलम, सुवालाल, देवेन्द्र सिंह, शक्तिसिंह कंवरलाल व जोगेन्द्र को शामिल किया गया।

एसीबी ने धरा ग्रामीण परिवेश
एसीबी टीम के सदस्य कुर्ता पायजामा, धोती-कुर्ता व पगड़ी व ग्रामीण वेशभूषा पहनकर पदयात्रियों के वेश में भंडारों पर रूके। तथा वहीं से पूरे मामले पर नजर रखी। इनके मूवमेंट की जानकारी बताते रहे। टीम के कुछ सदस्य पिछली तीन रातों से इसी तरह ट्रकों में घूमकर सबूत जुटा रहे थे। सारी स्थिति समझने के बाद रात को दोनों दस्तों ने एक-दूसरे से तारतम्य बनाकर छापा मारा। एसीबी ने इन सभी से करीब एक दर्जन मोबाइलों की पूरी डिटेल एसीबी ने रिकार्ड की। दस्ते के गार्ड रात को एजेन्टों के संपर्क में रहते थे। जिन्हें अपनी गाडिय़ों पास करवानी रहती है। वहीं ये लोग गार्डों से आकर मिलते थे। जो बार-बारदस्तो से पैसे एकत्र कर ले जाते है।

एसीबी की कार्रवाई के दौरान ही परिवहन दस्ते ने एक ट्रक चालक को रोका और उससे 5 हजार रुपए की मांग की। एसीबी ने ट्रक चालक से हिंडोली क्षेत्र की राम्या की झौंपडिय़ां के पूछताछ की तो ट्रक चालक धर्मराज गुर्जर ने बताया कि इस गाड़ी में सरिया भरा था। गाड़ी रोकते ही गार्ड ने आकर कहा कि सरिया बाहर निकला हुए है। 5 हजार का चालान कटेगा। इतना पैसा नहीं होने पर मना करते हुए कागज दिखाने लगा। तभी एसीबी की कार्रवाई हो गई। उसके साथ खलासी नंदकिशोर भी था।

रकम कर दी यहां-वहां

एसीबी ने रैकी के दौरान दस्तों की कई बार वसूली की वीडिया रिकार्डिंग भी की। करीब तीन दर्जन ट्रकों के नंबर नोट किए जो रुपया देकर गए, लेकिन उनके चालान नहीं काटे गए। पूरी रात में मोटी रकम वसूली गई। लेकिन कार्रवाई से पहले रकम ठिकाने लगा दी गई। बाइक से वहां आ रहे एक युवक पर इस राशि को यहां-वहां लगाने का शक है।

Updated on:
12 Mar 2019 10:23 pm
Published on:
12 Mar 2019 07:51 pm
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