तैयार किया कृषि विश्वविद्यालय व कॉलेज का शैक्षणिक ढांचा
कोटा. कृषि विवि कोटा चालू वित्तीय बर्ष 2017-18 में 48.33 करोड़ रुपए खर्च करेगा। वहीं विवि व मुख्यालय पर नवसृजित महाविद्यालय में अशैक्षणिक पद भी जल्द भरे जाएंगे। एेसे कई निर्णय सोमवार को कृषि विवि सभागार में हुई प्रबंधकीय मंडल की बैठक में किए गए। अध्यक्षता कुलपति प्रो. जीएल केशवा ने की। बैठक में 8 प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया।
बैठक में निर्णय किया गया कि चतुर्थ वित्त समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार वित्तीय वर्ष 2018-19 में राज्य सरकार व आईसीएआर से 51.53 करोड़ का अनुमानित बजट प्रस्ताव रखा गया। इसमें से 48.33 करोड़ अनुमानित खर्च का प्रस्ताव लिया गया। विवि में कृषि संकाय, विभाग गठन, सहायक प्राध्यापक-विषय विशेषज्ञों के पीएचडी प्रवेश के लिए नियम, मापदंड निर्धारित किए गए। कृषि संकाय के लिए बोर्ड ऑफ स्टडीज गठित किया गया। एग्री बीएससी, एमएससी, पीएचडी डिग्रियों का आईसीएआर के अनुसार नामकरण, कृषि महाविद्यालय में एग्री बीएससी, एमएससी, पीएचडी के लिए विषयवार पाठ्यक्रम निर्धारण, सेमेस्टरों के अनुसार विषय वितरण व अन्य नियम निर्धारित किए गए। कृषि महाविद्यालय के एमएससी पाठ्यक्रम में पेमेंट सीटों का निर्धारण, नवसृजित कृृषि महाविद्यालय में एग्री बीएससी, एमएससी, पीएचडी फीस, उद्यानिकी-वानिकी महाविद्यालय का फीस संशोधन का निर्धारण किया गया।
अशैक्षणिक पदों पर होंगी भर्तियां
विवि मुख्यालय पर कृषि महाविद्यालय संचालित करने के लिए राज्य सरकार से 26 शैक्षणिक-अशैक्षणिक पद भरने, विवि में क्लर्क, स्टेनोग्राफ र, प्रयोगशाला उपस्थक, एग्रोमेट आब्जर्वर, इलेक्ट्रीशियन, पम्प ऑपरेटर/फिटर के 38 अशैक्षणिक पद भरने का अनुमोदन किया गया। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के तहत स्वीकृत तकनीकी अधिकारी/ विषय विशेषज्ञ एग्रोमेट आब्र्ज्वर, इलेक्ट्रीशियन, फिटर के परीक्षा नियम, पाठ्यक्रम का निर्धारण, वाहन चालक के चयन के मानदंड का निर्धारण किया। बैठक में बोम की सदस्य डॉ. रीता गुलाटी, डॉ. रामगोप मीणा, डॉ. नारायण लाल गुप्ता, डॉ. आईबी मोर्य, डॉ. एसके जैन, डॉ. केएन ओझा, वित्त नियंत्रक डॉ. विधि शर्मा, कुलसचिव सियाराम मीणा शामिल थे।