कोटा

कोटा में 25 किमी की रफ्तार से चली हवाएं, पेड़ टूटे, होर्डिंग्स फटे, जमकर हुई बरसात, किसानों पर संकट के बादल

हाड़ौती में दो दिन से मौसम पलट रहा है। बुधवार को भी दोपहर बाद एकदम से मौसम बदला और धूलभरी हवाएं चलना शुरू हुई।
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Updated: 11 Apr 2018, 9:30 PM IST
Rain in kota

कोटा . हाड़ौती में दो दिन से मौसम पलट रहा है। बुधवार को भी दोपहर बाद एकदम से मौसम बदला और धूलभरी हवाएं चलना शुरू हुई। कोटा शहर में दोपहर बाद करीब ढ़ाई बजे करीब पौन घंटे तक 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली। वाहन चालकों व राहगीरों को आवागमन में परेशानी हुई। कई जगह बिजली गुल हो गई। पेड़ों की शाखाएं टूट गई। बाद में करीब साढ़े तीन बजे अचानक बादल छाए और बरसात शुरू हु़ई, जो 15-20 मिनट तक जारी रही। इसके चलते सड़कें तर हो गई।

कोटा शहर में करीब ढाई बजे हवाओं का रुख तेज हुआ, आंधी चली। हवा से सीबी गार्डन रोड़ पर पेड़ की शाखा टूट गई। इससे सड़क पर जाम लग गया। वहीं सड़क किनारे लगे होर्डिंग्स फट गए। कोटा में दोपहर को हुई बरसात से थोक फल सब्जीमंडी में नीलामी स्थल के बाहर रखे लहसुन भरे कट्टे पानी में भीग गए किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। अनंतपुरा, भामाशाह मंडी क्षेत्र में बरसात नहीं हुई। रामगंजमंडी, सांगोद, सुल्तानपुर, इटावा, अरंडखेड़ा, सीमल्या, मोईकलां, रावतभाटा क्षेत्र में भी दोपहर को धूलभरी हवाएं चली, बरसात भी हुई।

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बारां जिले में दोपहर को तेज धूप निकली। बीच-बीच में बादल भी छाए रहे। कुछ देर धूलभरी आंधी चली, बूंदाबांदी से जनजीवन प्रभावित हो गया। अधिकतम तापमान 39, न्यूनतम 25 डिग्री रहा। बूंदी जिले में मौसम बिगड़ा रहा। कई जगह आंधी चली। बूंदी में शाम 4 बजे बारिश हुई। नैनवां, बरूंधन, केशवरायपाटन, रोटेदा में आंधी के साथ बूंदाबांदी हुई। अधिकतम तापमान 42, न्यूनतम 23.6 डिग्री रहा। विगत दिनों हुई बरसात से झालावाड़ के तापमान में गिरावट देखी गई। दोपहर बाद भी शहर में बादल छाए, बूंदाबांदी हुई। अधिकतम तापमान 39, न्यूतनम 24 डिग्री रहा।

मौसम विभाग का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते एक सप्ताह से मौसम बदल रहा है। कई तेज हवाएं चल रही हैं तो कहीं बरसात हो रही है। विभाग ने दो दिन और हाड़ौती में तेज धूलभरी हवाएं चलने, बादल छाने, बरसात की चेतावनी दी है।

मौसम बदलने के साथ ही किसानों के चेहरे पर चिंता उभरने लगी है। किसानों की उपज अभी भी खेतों में कटी पड़ी है। खरीद केंद्रों व मंडियों में भी लाखों बोरी उपज खुले आसमां नीचे बिना बिकी पड़ी है। ऐसे में बरसात से उपज खराब होने आशंका उन्हें सता रही है।

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