कोटा

आखिर क्या हुआ ऐसा कि धरती के भगवान ने की सुरक्षा की गुहार?

ऐसा ही चलता रहा तो कहीं चली न जाए किसी की जान? मरीज को सीपीआर देते समय रेजीडेंट से परिजनों ने की मारपीट, वहीं परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप। इमरजेंसी सेवाओं पर पड़ा असर। एमबीएस, जेकेलोन और नए अस्पताल के रेजीडेंट अनिश्चतकालीन हड़ताल पर।
2 min read
Feb 14, 2019
kota
आखिर क्या हुआ ऐसा कि धरती के भगवान ने की सुरक्षा की गुहार?

कोटा. एमबीएस अस्पताल के इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में बुधवार दोपहर अज्ञात जहरीले पदार्थ के असर से महिला की मौत हो गई। अस्पताल में महिला मरीज को सीपीआर देते समय तीमारदारों ने ड्यूटी पर तैनात रेजीडेंट डॉक्टर से मारपीट की। सुरक्षा की मांग को लेकर तीनों अस्पतालों के रेजीडेंट ने अनिश्चतकालीन कार्य का बहिष्कार कर दिया। उधर, मरीज के परिजनों ने पर्ची पर गलत नाम चढ़ जाने से चिकित्सक द्वारा इलाज नहीं करने का आरोप लगाया।
दरअसल, कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के सकतपुरा इकबाल चौक निवासी हनीम बानो (36) पत्नी मोहम्मद इरफ ान ने अज्ञात जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजन गंभीर हालत में उसे एमबीएस अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां ड्यूटी डॉक्टरों ने महिला को जांच के बाद अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड के बेड नम्बर 29 पर महिला को भर्ती करने के बाद उससे मिलने के लिए परिजन व रिश्तेदार भी अस्पताल में पहुंचे। दोपहर को महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इस पर परिजनों ने रेजीडेंट डॉ. मुकेश गहलोत को सूचना दी। डॉ. गहलोत ने मरीज को सीपीआर दी। इसके बाद भी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। परिजनों ने डॉक्टर पर उपचार में अनियमितता का आरोप लगाते हुए विवाद शुरू कर दिया। उनका कहना था कि पर्ची पर मरीज का नाम हनीम की जगह शमीना चढ़ गया। इस पर डॉक्टर ने घंटों तक देखा तक नहीं। मामला बढ़ता देख पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से समझाइश करने लगे। इसी बीच दो युवकों ने डॉ. गहलोत से मारपीट कर दी। सूचना पर सभी रेजिडेंट मौके पर पहुंच गए। नयापुरा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। उन्होंने भीड़ को अस्पताल से बाहर किया। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया।

.....
मरीज की जिंदगी बचाते समय किया हमला

रेजीडेंट डॉ. गहलोत ने बताया कि महिला द्वारा सल्फ ास खाने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे सीपीआर दी जा रही थी, तभी पीछे से ४० से ५० युवाओं का समूह अंदर घुसा, इनमें से दो युवकों ने उनसे मारपीट कर दी। उस समय गार्ड व पुलिस भी मौजूद थी, लेकिन भीड़ के आगे सभी बेबस दिखे।
.....

सुरक्षा के बाद ही ड्यूटी पर आएंगे
रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन अध्यक्ष अशोक चौधरी ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की सुविधा नहीं है। आए दिन मरीजों के परिजनों और डॉक्टरों में विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है। इससे ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं। डॉक्टरों का काम आखिरी समय तक मरीज को बचाने व अच्छा उपचार उपलब्ध करवाने का होता है, न कि जान लेने का। जब तक सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक रेजीडेंट काम नहीं करेंगे।

.......
गार्ड को हटाया

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने रेजीडेंट डॉक्टर के हड़ताल पर उतरने से आनन-फानन में सीनियर डॉक्टर की बैठक बुलाई। गुरुवार से उन्हें व्यवस्था संभालने के लिए निर्देशित किया। अस्पताल अधीक्षक ने घटना के समय मौजूद गार्ड जगदीश सैनी को हटा दिया। प्राचार्य ने पुलिसकर्मियों द्वारा मौके पर कोई एक्शन नहीं लेने पर एसपी से बात की।
.......

रेजीडेंट हड़ताल पर जाने पर सीनियर डॉक्टर कमान संभालेंगे। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है। रेजीडेंट से भी समझाइश की जा रही है। वहां तैनात गार्ड को हटा दिया है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने समय पर कोई एक्शन नहीं लिया, इसके लिए एसपी से बात की है।
- डॉ. गिरीश वर्मा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज

Published on:
14 Feb 2019 12:36 am