कोटा

आग में जल गए किसानों के अरमान

सैकड़ों बीघा फसल का नुकसान, पुलिसकर्मी से की मारपीट  
2 min read
Apr 11, 2020
8988.jpg

छबड़ा. क्षेत्र में गेहूं की बालियों से भरे सैकड़ों बीघा खेतों में शुक्रवार को लगी आग ने सब कुछ नष्ट कर दिया। बापचा थाना क्षेत्र के भीलवाड़ा नीचा ग्राम पंचायत के कादरपुरा गांव के श्मशान घाट के पास शुक्रवार सुबह 11 बजे हार्वेस्टर से निकली चिंगारी से लगी आग ने कुछ ही मिनटों में कादरपुरा से घट्टा के माल एवं जैपला तक के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। भीलवाड़ा नीचा के सरपंच राधेश्याम मीणा ने बताया कि उन्होंने तुरंत बापचा एसएचओ व छबड़ा उपखंड अधिकारी को फोन लगाया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ऐसे में ग्रामीण अपने स्तर पर ही आग बुझाने में जुटे रहे, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि ग्रामीणों के काबू में नहीं आई और देखते ही देखते कादरपुरा, घट्टा, भीलवाड़ा नीचा, जैपला के करीब करीब तीन सौ से चार सौ बीघा के खेतों में गेहूं की फसल जलकर स्वाह हो गई। दोपहर एक बजे मोतीपुरा थर्मल की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची जब तक 90 फीसदी खेत जलकर राख हो चुके थे। ग्राम घट्टा में आक्रोशित किसानों द्वारा ट्रैक्टर से आग रोकने के दौरान मौके पर पहुंचे बापचा पुलिस के कांस्टेबल द्वारा उन्हें रोका तो अपनी आंखों के सामने फसल तबाह होते देख किसानों के गुस्से का सब्र टूट गया और पुलिस कांस्टेबल से लोगों ने हाथापाई कर दी। ऐसे में पुलिस कांस्टेबल मौके से भाग छूटा। वहीं जैपला के किसानों ने भी ट्रैक्टर से हंकाई कर आग को बढऩे से रोका। बाद में अदानी प्लांट व छीपाबड़ौद भूसा प्लांट से पहुंची दमकल गाडिय़ों ने आग को काबू करने का प्रयास किया, तब तक आग सबकुछ तबाह कर चुकी थी। डीवाईएसपी ओमेंद्र सिंह शेखावत, तहसीलदार दिलीप सिंह प्रजापति, बापचा थानाधिकारी हरलाल मीणा एवं राजस्व विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने कानूनगो व पटवारियों की टीम गठित कर तुरंत सर्वे करने के निर्देश दिए, ताकि राज्य सरकार को मुआवजे के लिए लिखा जा सके।


मुआवजे की की मांग
भीलवाड़ा नीचा पंचायत क्षेत्र में लगी आग के बाद विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने जिला कलक्टर से वार्ता कर किसानों को जल्द मुआवजा दिलवाने की मांग रखी। वहीं पूर्व विधायक करण सिंह राठौर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रेवती गेरा, भीलवाड़ा नीचा पूर्व सरपंच राधेश्याम मीणा, जपला सरपंच भावना सिंह ने भी किसानों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की।


नहीं ली सुध
लॉक डाउन के बाद सेनेटाइजेशन के लिए छबड़ा नगर पालिका द्वारा मोतीपुरा थर्मल प्लांट से एलएनटी की फायर ब्रिगेड 4 अप्रेल से मंगवाई गई थी, जो 7 अप्रेल से खराब होने के कारण नगर पालिका में खड़ी हुई थी। जिसे समय पर नहीं सुधराने के कारण आग के दौरान यह फायर ब्रिगेड काम ना सकी। बाद में अधिकारियों के लगातार फोन के बाद एलएनटी के कुछ कर्मचारी खराब फायर ब्रिगेड के उपकरण लेकर नगरपालिका पहुंचे और सुधराने का कार्य शुरू किया।

Published on:
11 Apr 2020 06:50 am