
कोटा. लॉकडाउन-3 में श्रमिकों को आने-जाने की अनुमति के बाद भी राजस्थान की सीमा अचानक सील क्यों कर दी गई। इसको लेकर जनता में कई तरह की चर्चा चल रही है। कोटा, बारां और झालावाड़ जिले से मध्यप्रदेश की सीमा लगी हुई है। यह सीमा भी सील कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सीमा सील करने का खुलासा करते हुए इस चर्चा को विराम दे दिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान की दूसरे राज्यों के साथ सीमाओं पर प्रवासियों के प्रवेश को रोका नहीं गया है बल्कि अंतर-राज्यीय आवागमन को सुगम बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जिन लोगों को ई-पास जारी हो चुके हैं, उनके राजस्थान में प्रवेश पर कोई रोक नहीं है। इसी प्रकार, राजस्थान में फंसे हुए अन्य राज्यों के प्रवासी भी भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अनुमति लेकर अपने स्थान पर जा सकते हैं।
गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता लोगों का जीवन बचाना और कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकना है। उन्होंने कहा कि अंतर-राज्यीय तथा अंतर-जिला एवं जिले के अंदर आवागमन को सुगम बनाने के लिए अनुमति देने की प्रक्रिया को अधिक बेहतर बनाने के लिए भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) जारी किया गया है। उन्होंने ई-पास की अनुमति के लिए जिला स्तर पर विशेष सेल बनाने के निर्देश दिए।
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लॉकडाउन के तीसरे चरण के लागू होने के समय राजस्थान के 10 जिले ग्रीन जोन में थे, जो संक्रमण बढऩे से घटकर 2 रह गए हैं। इस कारण श्रमिकों एवं अन्य प्रवासियों के आवागमन की प्रक्रिया को तर्कसंगत बनाया गया है। साथ ही, आपात स्थिति में राजस्थान में अंतर-जिला आवागमन के लिए कलक्टर एवं उपखण्ड अधिकारी (एसडीएम) को पास जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है।