
कोटा. शहर के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पदस्थापित महिला नर्सिंग कर्मचारी अस्पताल एवं चिकित्सा विभाग की कार्रवाई से परेशान होकर गुरुवार को नए अस्पताल के मुख्य गेट के बहार अनशन पर बैठ गई। मामले की सूचना लगने पर महावीर नगर पुलिस अस्पताल पहुंची और आचार संहिता की बात कहते हुए अनशन पर बैठी महिला नर्सिंग कर्मचारी को अपने साथ थाने ले आई।
महिला नर्सिंग कर्मचारी कृष्णा ने बताया कि 17 नवंबर को वह परिचित की निशुल्क जांच कराने के लिए डॉ. अमित सारस्वत के पास गई। जहां उन्होंने उनसे अभद्रता की और उन्हें अपशब्द कहे। उसके बाद अस्पताल प्रशासन के सम्मुख मामले को उठाया गया था। लेकिन जांच कमेटी में कोई निर्णय नहीं निकला। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन व चिकित्सकों द्वारा उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा हैं। हाल ही में 3 दिन में तीन आदेश थमा दिए गए हैं। जिसमें उन्हें अलग-अलग जगह स्थानांतरित किया गया। इसी से परेशान होकर महिला नर्सिंग कर्मचारी ने अनशन का रुख किया और अस्पताल के मुख्य गेट पर अनशन पर बैठ गई। महिला नर्सिंगकर्मी कृष्णा ने पुलिस को अपनी लिखित शिकायत सौंपी हैं। अब पुलिस मामले में जांच करेगी। हालांकि अस्पताल प्रशासन के अनुसार महिला नर्सिंग कर्मी कृष्णा बीते दिनों अपने एक परिचित जो कि मध्यप्रदेश का निवासी हैं। उसके उपचार के लिए डॉ.अमित सारस्वत के पास गई थी। लेकिन अन्य प्रदेश की वजह से उन्हें प्रदेश की योजना का लाभ नहीं मिला है। इस पर वह नाराज है। वहीं डॉ.सारस्वत ने कहा कि अभद्रता व बदतमीजी वाली कोई बात नहीं हैं।
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कोटा. हाड़ौती में स्वाइन फ्लू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। स्वाइन फ्लू ने गुरुवार को नए अस्पताल में गर्भवती की जिंदगी लील ली।
चिकित्सा विभाग के अनुसार बारां के अटरू के गांव अचरावा निवासी पूजा एेरवाल (२२) को 27 मार्च को रात 10 बजे नए चिकित्सालय के स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती कराया था। स्थिति गंभीर होने पर उसे वेंटीलेटर पर लिया, लेकिन गुरुवार सुबह 5 बजे उसकी मौत हो गई। स्वाइन फ्लू की आशंका के चलते चिकित्सकों ने बुधवार रात ही सेम्पल ले लिया था। उसकी मौत के ७ घंटे बाद स्वाइन फ्लू पॉजीटिव रिपोर्ट आई।
६ माह की गर्भवती थी
स्वाइन फ्लू से जिस महिला की मौत हुई, वह 6 माह से गर्भवती थी। महिला की मौत के बाद घर की खुशियां मातम में बदल गई।