
कोटा . प्लास्टिक के इस्तेमाल से बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरण के खतरे को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में प्लास्टिक के इस्तेमाल को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। ये नया नियम शनिवार से लागू कर दिया गया है। गौरतलब है कि इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम भी beat Plastic pollution रखी गई थी। प्लास्टिक हमारे साथ ही अन्य जीव- जन्तुओ पर भी प्रभाव डालता है चाहे वो समुद्री जीव हो या हमारे पालतू जीव | हर साल महासागरों में कम से कम 8 मिलियन टन प्लास्टिक फेंका जाता है| ग्लेशियर के पिघलने के साथ प्लास्टिक वेस्ट का महासागरों में जाना भी जल स्तर को बढ़ा रहा है। अगर यहीं सिलसिला जारी रहा तो जल्द ही तटीय शहरों का डूबना तय है।
पॉलीथिंस का उपयोग इतना बढ़ गया है कि हर जगह वही नजर आती है| क्या आप जानते हैं केवल कोटा में ही रोज 75 टन प्लास्टिक का कचरा निकलता है।
आज हमारी दिनचर्या का एक अहम् हिस्सा बन चुका है plastic | सुबह उठकर चाय बनाने के लिए यूज़ की गई दूध की थैली से लेकर नहाने में यूज़ किया शैम्पू पाउच हो या मार्केट से लाया गया कोई भी ग्रॉसरी आइटम हमारा जीवन प्लास्टिक के इर्द-गिर्द ही घूमता है | आज भी सब्जी लेने जाते समय अधिकांश व्यक्ति थैले नहीं ले जाते और फिर सब्जियों को polythenes में लाना एक मजबूरी बन जाता है |
हम सब जानते है की प्लास्टिक का उपयोग सेहत के लिए हानिकारक है तो भी डिस्पोजल का उपयोग किए बिना हम नहीं रह पाते है | शादी पार्टी समारोह हो या कहीं बाहर हो हम आसानी से बिना सोचे समझे डिस्पोजल आइटम्स का उपयोग करते है | जब तक हम खुद दृढ़ निश्चय होकर plastic का उपयोग बंद नहीं करेंगे कितने भी कानून आ जाए यह बंद नहीं होगा | हमें स्वयं जागरूक होकर इसे ना कहना होगा | यह हमारी आदत में शुमार हो जाना चाहिए की जब भी घर से निकले थैला साथ में हो ताकि मजबूरन भी हमे polybags का use न करना पड़े | वैसे तो सरकार भी इसके लिए उपाय करती है जैसे कि सब्जीमंडी मुख्य बाजार में carry bag वेंडिंग मशीन लगाई गई है। जिसमें 5 रुपए का coin डालने पर कपड़े के दो carry bag निकलते हैं। इससे पॉलीथिन पर अंकुश लगेगा।
प्लास्टिक से जुड़े कुछ तथ्य
हर साल दुनिया 500 अरब प्लास्टिक बैग का उपयोग करती है|
हर साल महासागरों में कम से कम 8 मिलियन टन प्लास्टिक फेंका जाता है|
हर मिनट इतना कचरा होता है कि एक पूरा ट्रक भर जाए ।
हम हर मिनट 1 मिलियन प्लास्टिक की बोतलें खरीदते हैं जो कि हमारे द्वारा बनाए गए प्लास्टिक waste का 10% है
यदि यह सब ऐसे ही चलता रहा तो जो स्थिति आज जीव जन्तुओ की है वो कल हमारी भी होगी | इसीलिए हमे आज ही संकल्प लेना है कि हम प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे तभी हम पर्यावरण को और आने वाले कल को सुरक्षित कर सकते है | पर्यावरण को बचाने के लिए हमसब को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे |