कोटा

दहेज नहीं, बहू के रूप में चाहिए बेटी, कोटा के आयकर अधिकारी ने एक रुपया शगुन लेकर की सगाई

दहेज मिटाने की दुहाई हर कोई देता है, लेकिन कुछ लोग होते हैं जो अमल करते हैं। ऐसा ही उदाहरण पेश किया कोटा के युवा सहायक आयकर आयुक्त अजीतेश मीणा।
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Feb 05, 2018
Social pride

कोटा . दहेज और सामाजिक कुरीतियों को मिटा देने की दुहाई तो हर कोई देता है, लेकिन कुछ ही लोग हैं, जो इन पर अमल भी करते हैं। ऐसा ही उदाहरण पेश किया है कोटा के युवा सहायक आयकर आयुक्त अजीतेश मीणा। उन्होंने प्रण लिया है कि वे अपनी शादी में कोई दहेज नहीं लेंगे।

इतना ही नहीं, अजीतेश ने अपने विवाह के कार्ड से भी दहेज के लोभियों को संदेश दिया हैं। मीणा के आमंत्रण कार्ड पर लिखाया है- 'हमें दहेज नहीं, बहू के रूप में बेटी चाहिए। अजीतेश सवाईमाधोपुर के गांव धनौली के रहने वाले हैं। वे भारतीय राजस्व सेवा की परीक्षा में टॉपर रहे। कोटा में सालभर से कार्यरत हैं। दहेज नहीं लेने का विचार पर उन्होंने कहा कि आडंबर और दिखावा से जीवनपर्यन्त दूर रहने की बात कही। उन्होंने बताया कि दहेज अभिशाप की तरह है। इससे परिवार तो टूटते ही है, मनमुटाव भी रहता है। युवाओं को लालच में पड़कर इस कुरीति में नहीं फंसना चाहिए।

3 मार्च को बजेगी शहनाई
पिछले दिनों सगाई में शगुन के तौर पर उन्होंने मात्र एक रुपया ही लिया। उनकी सगाई उनके गांव में हुई और विवाह आगामी 3 मार्च को है। उनका विवाह श्रीमहावीरजी के पास स्थित टोडुपूरा निवासी शिक्षिका बबीता से तय हुया है।

अजीतेश ने बताया कि आज हम पहल करेंगे तो कल कोई ओर, इस तरह से दहेज के प्रति लोगों की सोच बदलेगी और समाज इस अभिशाप से मुक्त होने लगेगा। युवाओं को दहेज का विरोध कर समाज के विकास में अपना योगदान देना चाहिए।

Published on:
05 Feb 2018 09:18 am