
कुचामनसिटी. शहर के प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय को क्रमोन्नति होने का अरसे इंतजार है। चिकित्सालय के क्रमोन्नत नहीं होने से क्षेत्र के पशुपालकों को अपने पशुओं का उच्च स्तरीय उपचार करवाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल्द ही प्रदेश का बजट भी घोषित होगा। ऐसे में यदि शहर के प्रथम श्रेणी चिकित्सालय को बजट घोषणा में शामिल कर लिया जाए तो पशुपालन विभाग के कुचामन उपनिदेशक कार्यालय क्षेत्र को बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय की सौगात मिल सकती है। हालांकि इसके लिए पशुपालकों को भी आगे आना होगा और मजबूती से अपनी बात रखनी पड़ेगी। अभी हाल ही में कुचामन पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. किशनलाल कुमावत ने उप मुख्य सचेतक को भी मांग से अवगत करवाया है। उनकी ओर से लिखे गए पत्र में उन्होंने बताया कि कुचामन उपनिदेशक कार्यालय के अधीन राजकीय प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय संचालित है। पशुपालन विभाग की दृष्टि से नागौर जिले को दो भागों में बांटा गया है, जिसमें जिला स्तरीय कार्यालय तथा राज्य में प्रत्येक जिला मुख्यालय पर बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय स्थापित रहता है। लेकिन कुचामन उपनिदेशक कार्यालय क्षेत्र में एक भी बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय नहीं है। जबकि कुचामन क्षेत्र पशुपालन की दृष्टि से काफी समृद्ध क्षेत्र है तथा भौगोलिक रूप से जिले के मध्य स्थित है। पशुपालकों को 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देशीय से बहुउद्देशीय चिकित्सालय की आवश्यकता महसूस की जा रही है। चिकित्सालय की क्रमोन्नति के बाद जिले की छह तहसीलों के पशुपालकों को विषय विशेषज्ञों की सेवाओं का लाभ मिलेगा तथा चिकित्सा सुविधाओं में विस्तार होगा, जो वर्तमान में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उपनिदेशक की ओर से लिखे गए पत्र में भी चिकित्सालय के क्रमोन्नति की मांग की गई है।
इनका कहना है
प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय को बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नति के लिए अभी हाल ही में विभाग के उपनिदेशक ने सरकार को अवगत करवाया है। यदि चिकित्सालय क्रमोन्नत होता है तो पशुपालकों को उच्च स्तरीय सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
- डॉ. रमाकांत सोनी, चिकित्सक, पशु चिकित्सालय, कुचामनसिटी