
अदालत में तैनात भारी पुलिस बल
Jaipal Poonia Murder Case: कुचामन सिटी। बहुचर्चित जयपाल पूनिया हत्याकांड में शुक्रवार को अदालत ने अहम फैसला सुनाया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) सुंदरलाल खारोल की अदालत ने मामले में कुल 11 आरोपियों में से 9 को दोषी ठहराया, जबकि 2 आरोपियों कुलदीप और हनुमान सैनी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। फैसला सुनाए जाने के दौरान न्यायालय परिसर पुलिस छावनी की तरह नजर आया और भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
दोषी ठहराए गए आरोपियों में मोती सिंह चौधरी, रणजीत, फिरोज खान, संदीप, तेजपाल, राजेश, कृष्ण कुमार, हारून और राजेश शामिल हैं। मामले में तत्कालीन विधायक और कांग्रेस सरकार में उपमुख्य सचेतक रहे महेंद्र सिंह चौधरी के बड़े भाई मोती सिंह को भी दोषी करार दिया गया है। कोर्ट ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप सिद्ध होते हैं। वहीं, 2 आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण नहीं मिलने के कारण उन्हें संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया।
हालांकि, दोषी ठहराए गए आरोपियों को किस धाराओं में कितनी सजा दी जाएगी, इस पर अंतिम फैसला अभी सुरक्षित रखा गया है। अदालत ने बताया कि सजा का एलान शनिवार को किया जाएगा। इस फैसले के बाद अब सभी की नजरें शनिवार को होने वाले सजा के निर्धारण पर टिकी हैं।
बिना नंबर की एसयूवी में सवार होकर आए हमलावरों ने 14 मई 2022 को नावां तहसील के भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष जयपाल पूनिया को दिनदहाड़े फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया था। फायरिंग के बाद शार्प शूटर्स मौके से भाग गए थे। इस हत्याकांड ने पूरे राज्य में तूल पकड़ा था और मामला सुर्खियों में आ गया था।
Updated on:
24 Apr 2026 05:44 pm
Published on:
24 Apr 2026 05:42 pm
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