
घर में रखता था 'पराई लड़कियां', विरोध करने पर पत्नी से दरिंदगी; लाडनूं से झकझोर देने वाली खबर (फोटो-एआई)
डीडवाना-कुचामन (लाडनूं): राजस्थान के लाडनूं शहर से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक शख्स पर युवतियों को शादी का झांसा देकर लाने, उनका शारीरिक शोषण करने और उन्हें ऊंचे दामों में बेचने (मानव तस्करी) का सनसनीखेज आरोप लगा है। लाडनूं थाना पुलिस ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) कोर्ट के आदेश पर आरोपी पति के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, लाडनूं की रहने वाली एक 42 वर्षीय महिला ने कोर्ट में इस्तगासा (परिवाद) पेश कर अपने पति मोहम्मद रफीक पर यह गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने बताया कि उसका निकाह 27 नवंबर 2001 को मोहम्मद रफीक के साथ हुआ था।
निकाह के कुछ समय बाद उसे पता चला कि रफीक पहले से शादीशुदा था और उसकी पहली पत्नी का नाम साजिदा है। आरोपी ने पहली शादी की बात छिपाकर धोखे से दूसरा निकाह किया था, हालांकि बाद में उसने पहली पत्नी को तलाक दे दिया।
पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद से ही आरोपी पति उसे मायके से नकद रुपए लाने के लिए प्रताड़ित करने लगा। मना करने पर वह बेरहमी से मारपीट करता था। महिला के दो बेटे और एक बेटी हैं, लेकिन बच्चों के सामने भी आरोपी उसे शारीरिक और मानसिक रूप से टॉर्चर करता था। आरोपी उसकी मर्जी के खिलाफ जबरन संबंध बनाता था और विरोध करने पर बच्चों के आगे ही लात-घूंसों से पीटता था।
महिला ने अपने परिवाद में आरोपी के जिस काले कारोबार का पर्दाफाश किया है, वह बेहद चौंकाने वाला है। महिला के मुताबिक, आरोपी मोहम्मद रफीक बिहार और महाराष्ट्र के अकोला जैसे सुदूर इलाकों से गरीब लड़कियों को खरीदकर लाता था। इसके बाद वह लाडनूं और आसपास के ग्रामीण इलाकों में उन्हें मोटी रकम लेकर ऊंची कीमतों पर बेच देता था।
जिन लड़कियों का सौदा तुरंत नहीं हो पाता था, उन्हें वह अपने घर में ही बंधक बनाकर रखता था और उनके साथ गलत काम (बलात्कार) करता था। करीब तीन महीने पहले भी आरोपी एक और युवती को खरीदकर घर लाया था और उस पर जबरन निकाह का दबाव बना रहा था। जब उस युवती ने विरोध किया, तो उसके साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई। बाद में उस पीड़ित युवती ने भी आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
पीड़िता ने बताया कि उसने इस खौफनाक धंधे और खुद पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ सबसे पहले 18 मार्च को लाडनूं थाने में शिकायत दी थी। इसके बाद 7 अप्रैल को डीडवाना-कुचामन के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी गुहार लगाई। लेकिन जब पुलिस स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो मजबूरन उसे कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
अब अदालत के कड़े रुख और आदेश के बाद लाडनूं थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इस पूरे मामले की गहन जांच लाडनूं थानाधिकारी शंभूदयाल मीणा खुद कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू और मानव तस्करी के नेटवर्क की बारीकी से तफ्तीश की जा रही है।
Published on:
24 May 2026 01:36 pm
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