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कुचामनसिटी। विकास के नाम पर किए जा रहे कार्यों की हकीकत शहर में बनी एक नई सीसी सड़क ने उजागर कर दी है। मोतीरामजी की कोठी से आसपुरा मार्ग होते हुए बंदुक्या वाली कोठी तक करीब 400 मीटर लंबी यह सड़क महज एक महीने में ही जवाब दे गई है। जिस सड़क से वर्षों तक राहत मिलने की उम्मीद थी, वही आज बदहाली और लापरवाही की प्रतीक बन गई है।
जगह-जगह गहरी दरारें, उखड़ता कंक्रीट और बाहर आती गिट्टी निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह केवल निर्माण में खामी नहीं, बल्कि जिम्मेदारों की उदासीनता और संभावित भ्रष्टाचार का नतीजा है। लोगों ने सड़क की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि सार्वजनिक धन की इस तरह बर्बादी पर रोक लग सके।
सड़क के बीचों-बीच लंबी दरारें तेजी से चौड़ी हो रही हैं। कई स्थानों पर कंक्रीट उखड़कर नीचे की परतें बाहर आ गई हैं, जबकि किनारों पर क्षरण से हालत और खराब हो गई है। नई सड़क का यह हाल इसे वर्षों पुरानी जर्जर सड़क जैसा बना रहा है। चिंता की बात यह है कि यह मार्ग एक निजी स्कूल के पास स्थित है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे और अभिभावक आते-जाते हैं। उखड़े हिस्से और असमान सतह के कारण दोपहिया वाहन चालकों को संतुलन बनाना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।
नागरिकों का आरोप है कि निर्माण के दौरान मानकों की खुलकर अनदेखी की गई। यदि मजबूत बेस, सही अनुपात में कंक्रीट और उचित क्योरिंग की जाती, तो इतनी जल्दी सड़क खराब नहीं होती। तकनीकी जानकार भी इसे निर्माण में गंभीर खामी का संकेत मान रहे हैं। लोगों में रोष है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद धरातल पर काम टिकाऊ नहीं है। निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या निरीक्षण केवल कागजों तक सीमित है।
सम्बन्धित विभाग से बात करके सड़क की जांच करवाएंगे। लापरवाही बरतने वाले कार्मिक व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विश्वामित्र मीणा, उपखण्ड अधिकारी, कुचामन सिटी
Updated on:
29 Apr 2026 03:53 pm
Published on:
29 Apr 2026 03:49 pm
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