लम्बे समय से बनी हुई है समस्या
कुचामनसिटी. कुचामन उपखंड अधिकारी ने यातायात शाखा प्रभारी को बस स्टैण्ड के आसपास नो पार्किंग में खड़ी रहने वाली बसों लोक परिवहन व निजी बसों को हटवाने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से उपखंड अधिकारी को लिखे गए पत्र के बाद जारी किए गए हैं। निगम की ओर से उपखंड अधिकारी को बताया गया कि नो पार्किंग से निजी वाहन हटवाने के पूर्व में आदेश जारी होने के बाद भी निजी वाहन चालकों की ओर से नो पार्किंग क्षेत्र में वाहन लगाकर आवाजें लगाकर बस स्टैण्ड परिसर से यात्रियों को ले जाते हैं। इससे रोडवेज को राजस्व की हानि उठानी पड़ती है। साथ ही सडक़ पर जाम की स्थिति भी बनी रहती है। रोडवेज की ओर से बताया गया कि निजी वाहनों के लिए दो स्टैंड आवंटित किए हुए हैं, लेकिन वहां से निजी वाहनों का संचालन नहीं होता है। यदि वाहनों का आवंटित जगह से संचालन हो तो किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी। इधर इस संबंध में रोडवेज के कार्यवाहक स्थान प्रभारी दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि निजी बस संचालकों की ओर से बस स्टैण्ड से सवारियां ले जाने के मामले में उपखंड अधिकारी को अवगत करवाया था। इसके बाद उपखंड अधिकारी ने निर्धारित स्थलों से ही निजी बसों का संचालन करने के संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। गौरतलब है कि वैसे भी रोडवेज बस स्टैण्ड के आसपास से निजी वाहन सवारियों को नहीं ले जा सकते।
इधर, स्कूलों में बच्चों को दी जा रही विभिन्न भाषाओं की जानकारी
कुचामनसिटी. प्रदेश की स्कूलों में इन दिनों विद्यार्थियों को विभिन्न भाषाओं की जानकारी दी जा रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि ताकि जब विद्यार्थी उच्च अध्ययन के लिए दूसरे राज्य में जाएं तो उन्हें वहां किसी प्रकार की भाषा संबंधी दिक्कत नहीं आए। जानकारी के अनुसार कुछ दिनों पहले मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय की ओर से आदेश जारी किया गया है कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को देश में प्रचलित भाषाओं की जानकारी दी जाए। यह पहल एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के तहत की गई है। भाषा संगम योजना के तहत स्कूलों में प्रार्थना सभा के बाद प्रतिदिन एक भाषा के पांच वाक्यों की जानकारी दी जा रही है। इन भाषाओं में सिंधी, मराठी, तेलगू, उर्दू, कन्नड आदि भाषाएं शामिल है। इस संबंध में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दिनेश सिंह चौधरी ने बताया कि भाषा संगम योजना के तहत विद्यार्थियों को प्रार्थना सभा के बाद विभिन्न भाषाओं की जानकारी दी जा रही है।