
नागौर। नावां शहर के निकटवर्ती मिठड़ी बायपास चौराहा स्थिति जीएसएस के पास बुधवार अलसुबह करीब 5 बजे मुरड़ से भरे बिना नंबरी डंपर ने सामने से आ रही कार को चपेट में ले लिया। टक्कर लगने से कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित चार लोगों की मौके पर मौत हो गई। मृतकों में लक्ष्मण सिंह (51), उनकी पत्नी तुलसी (48), बेटी शीतल (29) और कार चालक बड़बर, झुंझुनूं निवासी रामकिशन भूरिया (37) शामिल है।
नावां थाना पुलिस व परिजनों के अनुसार शीतल को उसके ससुराल रानोली से समझाइश के बाद परिवार के लोग अपने गांव पालड़ी लेकर लौट रहे थे। उनके साथ झुंझुनूं निवासी रामकिशन भूरिया भी था। इसी दौरान मिठड़ी बायपास पर सामने से आए मुरड़ से भरे डंपर ने कार को टक्कर मार दी। मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से कार में फंसे शवों को बाहर निकालकर नावां के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिए। पुलिस को दी गई रिपोर्ट में अजय सिंह ने बताया कि उसके पिता लक्ष्मण सिंह, माता तुलसी और बहन शीतल कार से रानोली (रायपुर) से पालड़ी आ रहे थे। डंपर चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था। टक्कर मारने के बाद चालक मौके से फरार हो गया।
परिजनों के अनुसार 29 वर्षीय शीतल का विवाह 20 अप्रेल को लोकेंद्र उर्फ लक्ष्मण सिंह रानोली के साथ हुआ था। शादी के कुछ समय बाद पारिवारिक विवाद के चलते शीतल को ससुराल में परेशान किया गया और उसे घर से निकाल दिया था। इसी सिलसिले में माता-पिता व अन्य परिजन उसे समझाने रानोली गए थे। समझाइश नहीं होने पर शीतल को अपने साथ पालड़ी ला रहे थे। इसी दौरान हादसा हो गया।
हादसे के बाद एक और गंभीर बात सामने आई है। परिवादी ने रिपोर्ट में बताया कि मृतकों के पास रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी से भरा बैग कार से गायब था। जबाकि पुलिस का कहना है कि मौके पर मिले आभूषण और हजारों रुपए की नकदी परिजनों को सुपुर्द कर दी है। शेष बताए गए सामान के संबंध में जांच की मांग की गई है।
हादसे के बाद मुरड़ से भरे डंपर को मौके पर ही खाली कराने, डंपर बिना नंबर का होने और चालक के फरार होने की बात भी सामने आई। पुलिस ने डंपर जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। एएसआई लालचंद ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
दुर्घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रारंभिक तौर पर सड़क पर मोड़ को हादसे की वजह बताया और हादसों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही। सीआई सुरेश चौधरी ने बताया कि डंपर चालक फरार है और डंपर जब्त कर लिया है।
मिठड़ी बायपास व आसपास भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। हादसे ने तेज गति, बिना नंबर के वाहनों और मुरड़ परिवहन की निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं। अब जांच में डंपर के दस्तावेज, मुरड़ परिवहन की अनुमति, वाहन की वैधता और हादसे में चालक की भूमिका स्पष्ट होना अहम होगा।