
कुशीनगर. उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) में कोरोना(Corona) के केस एक बार फिर बढ़ने लगा है। कुशीनगर(KushiNagar) जिले में शनिवार को 20 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव(Corona Positive Report) आने के बाद इलाके में हड़कंम मच गया है। 20 में 14 लोग रामकोला ब्लॉक इलाके के रहने वाले हैं। तीन हाटा और दो पॉजिटिव मरीज पडरौना ब्लॉक के कहने वाले हैं, एक पॉजिटिव व्यक्ति किसी दूसरे जनपद का है।
मरीजों के घर जाएंगे सीएमओ
20 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी केस के बारे में जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। शनिवार देर रात तक स्वास्थ्य विभाग सभी मरीजों के नंबरों पर संपर्क जांच-पड़ताल में जुट गया है। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुरेश पटारिया रिपोर्ट को लेकर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि रविवार (आज) को खुद पॉजिटिव मरीजों के दिए पते पर जाकर उनसे बात करने की बात कही है।
जिले हैं 24 एक्टिव कोरोना केस
कुशीनगर जिले में 846812 व्यक्तियों की कोविड जांच हो चुकी है, जिसमें से 15590 लोग शनिवार की शाम तक पॉजिटिव पाए गए थे। जिले में सरकारी आकड़ों के मुताबिक 227 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है, जबकि 15360 लोग स्वस्थ हुए हैं। जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या चार थी, जो अब नए पॉजिटिव मरीजों के आने की वजह से बढ़कर 24 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बताया गया कि 2963 लोगों का सैंपल जांच के लिए शनिवार को भेजा गया, जबकि 1651 सैंपल रिपोर्ट प्राप्त हुई, लेकिन उसमें कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं था।
रिपोर्ट वायरल होने से हड़कंप
जिले में शनिवार शाम अचानक से एक कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट वायरल होने लगा। जिसमें 20 लोगों के कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इस रिपोर्ट के बाद जिले में हड़कंप मचा हुआ है। सीएमओ डॉक्टर सुरेश पटारिया का कहना है कि यह सूची जिला अस्पताल में बने आरटीपीसीआर लैब की है। 20 में से आठ लोगों के मोबाइल पर संपर्क नहीं हो पा रहा है। पूरे मंडल में एक दिन में इतने केस नहीं आ रहे हैं, ऐसे में कुशीनगर में 20 लोगों का एक दिन में पॉजिटिव पाया जाना बहुत ही चिंता की बात है। सीएमओ डॉक्टर पटारिया ने कहा कि वह रविवार को खुद इन मरीजों के घर जाकर पता लगाएंगे।
डीप फ्रीजर में रखा है सैंपल
सीएमएस डॉ. एसके वर्मा का कहना है कि यह रिपोर्ट जिला अस्पताल स्थित आरटीपीसीआर लैब का है। इन सभी को दोबारा जांच कराया, तब भी यह रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस बात की जानकारी लैब के पैथोलॉजिस्ट ने भी दी है। सभी 20 सैंपल डीप फ्रीजर में रखवा दिए हैं। ताकि किसी अन्य लैब से भी इसकी जांच कराई जा सके।