कुशीनगर

UP के सहज जनसेवा केंद्रों से बन रहे हैं रोहिंग्याओं के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, ATS की कुशीनगर में बड़ी कारवाई

रायबरेली में फर्जी प्रमाण पत्रों की जांच कर रही ATS ने कुशीनगर से दो जालसाजों को गिरफ्तार किया। ATS ने पहले तरयासुजान थाने के भावपुर में सीएसपी चला रहे संजीव सिंह को गिरफ्तार किया। इसके बाद टीम ने विशुनपुरा सीएचसी में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर तैनात सतीश सोनी को गिरफ्तार किया। यूपी ATS की टीम दोनों को लेकर लखनऊ रवाना हो गई है।

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Aug 02, 2024

रायबरेली के सलोन में बंग्लादेशी रोहिंग्या नागरिकों का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले में जांच कर रही एटीएस देर शाम को कुशीनगर पहुंची। जन्म प्रमाण पत्र जारी करने में जिले के स्वास्थ्य विभाग के आईडी पासवर्ड का भी प्रमाण पत्र बनाने में इस्तेमाल किया गया है।तरयासुजान से सीएसपी संचालक और विशुनपुरा सीएचसी पर तैनात डाटा ऑपरेटर को साथ लेकर चली गई।जन्म प्रमाण पत्र बनाने में इस्तेमाल होने वाला लैपटॉप, मोबाइल व अन्य उपकरण कब्जे में ले लिया है।

कुशीनगर में ATS ने घंटे भर की पूछताछ

संजीव से एटीएस ने उसके घर पर एक घंटे तक पूछताछ की। दोनों को लेकर लखनऊ पहुंची एटीएस पूछताछ कर रही है। सूत्रों की मानें तो संविदा पर तैनात डाटा ऑपरेटर ने स्वास्थ्य विभाग का आईडी और पासवर्ड सीएचसी संचालक को दे रखा था, जिससे फर्जीवाड़ा किया गया है।

महराजगंज का मूल निवासी है डाटा ऑपरेटर

महराजगंज जिले के खुशहाल नगर निवासी सतीश सोनी संविदा पर विशुनपुरा सीएचसी पर डाटा ऑपरेटर के पद पर तैनात है। दो वर्ष पूर्व इसकी तैनाती तरयासुजान सीएचसी पर थी, जहां वह स्वास्थ्य विभाग की आईडी से जन्मप्रमाण पत्र बनाने के साथ इसे पोर्टल पर अपडेट करता था। सतीश ने तरयासुजान में रहते हुए यूजर आईडी और पासवर्ड को भावपुर के सीएससी संचालक संजीव सिंह को दे दिया था। दोनों साथ मिलकर बांग्लादेशी नागरिकों के कुछ फर्जी प्रमाण पत्र बना दिए।

रायबरेली में हुए रोहिंग्यो के फर्जी प्रमाण पत्र से जुड़ा मामला

रायबरेली के जीशान की ओर से किए गए फर्जीवाड़े की जांच में एटीएस ने पूछताछ की तो कई प्रदेश के सहज जन सेवा केंद्र संचालकों से तार जुड़ा। इसी कड़ी में एटीएस को कुशीनगर में भी कुछ फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर देने का सुराग हाथ लगा। शाम को सादे वर्दी में पहुंचे एटीएस के अधिकारियों ने सबसे पहले संजीव सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो सतीश सोनी का नाम सामने आया। इसके बाद टीम विशुनपुरा सीएचसी पर पहुंची। सीएचसी अधीक्षक से मिलने के बाद सतीश सोनी को हिरासत में ले लेकर गोरखपुर लेकर चली गई। इस कार्रवाई से स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अनभिज्ञ रहा हालांकि राष्ट्रीय सुरक्षा से मामला जुड़े होने के कारण एटीएस की टीम इनसे लखनऊ में गहन पूछताछ कर रही है।

Updated on:
02 Aug 2024 10:52 pm
Published on:
02 Aug 2024 10:50 pm
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