लखीमपुर खेरी

भीषण गर्मी ने तालाबों के साथ सूखे हैंडपंपों की भी हलक

भीषण गर्मी ने तालाबों के साथ सूखे हैंडपंपों की भी हलक
2 min read
summer
भीषण गर्मी ने तालाबों के साथ सूखे हैंडपंपों की भी हलक

लखीमपुर खीरी. भीषण गर्मी और पारा लगातार 40 से 42 डिग्री सेल्सियस से बाहर जा रहा है। ऐसे में जहां आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित है। वही किसानों के लिए भी मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही है। भू-जल स्तर गिरने से कई क्षेत्रों में बोरिंग से पानी नहीं निकल रहा है। ऐसे में गन्ने की फसल की सिंचाई भी प्रभावित हो रही है। तालाब व नहरे सूखे होने के कारण पशु पक्षी को भी पीने का पानी संकट गहरा रहा है। जिले में 3 तहसीलें में सिंचाई के लिए लगाई गई बोरिंग भी फेल हो रही है। इंडिया मार्का हैंडपंप भी धोखा दे रहे हैं। पेयजल संकट विकराल रूप लेता जा रहा है। इस साल गर्मी की शुरुआत में ही अधिकतर ताल-तलैया सूख गए हैं। गांव से शहर तक पशु पक्षियों के लिए पानी का संकट उत्पन्न हो रहा है।

आंकड़े बताते हैं कि भूगर्भ जल स्तर में भी गिरावट आई है। पसगवां, मितौली, बाकेगज, गोला, मोहम्मदी इलाकों में लघु सिंचाई विभाग की ओर से कराई गई फेल हो रही है। इसकी शिकायत लगातार विभाग को मिल रही है। गर्मी के चलते घट रहा है। हैंडपंपो ने जहां पानी देना बंद कर दिया है। वही गांव के तालाब पाटे जा रहे हैं। हर वर्ष पशुपालन विभाग के निदेशक जिला स्तर पर पत्र भेजकर पशु चिकित्सकों को निर्देश देते हैं। कि गर्मियों में मार्च माह की शुरुआत में ही तालाबों में पानी भरवा दिया जाए। लेकिन यह इन निर्देशों का अनुपालन कभी नहीं होता। नतीजन बरसाती पानी से ही तालाब भरते हैं।

भूगर्भ जल की बर्बादी

एक रिपोर्ट के मुताबिक जिले में प्यास बुझाने वह फसलों की सिंचाई करने के लिए बड़े पैमाने पर हैंडपंपों नलकूप लगाए जा रहे हैं। जो गहराई तक भूगर्भ जल का दोहन सार्वधिक दिक्कत पानी की बर्बादी के चलते पैदा हुई है। नगर व कस्बों में लगी पाइप लाइनों में जगह-जगह लीकेज है। जिससे हर रोज हजारों लीटर पानी व्यर्थ जाता है। इसे रोकने के लिए ना तो प्रशासन आगे आ रहा है। और ना ही हम अपनी जिम्मेदारी समझ रहे हैं। जल स्तर में गिरावट का मुख्य कारण ताल तलैया व पोखरों का पटना है। इससे जल स्तर घट रहे हैं।

वही सहायक अभियंता लघु सिंचाई चिरंजीव लाल जायसवाल ने बताया कि मनरेगा से खुदवाए गए तालाब प्रशासनिक स्तर पर गिरते हुये जलस्तर की रोकथाम के लिए कई कदम उठाए गए हैं। मनरेगा से गांव में तालाब का निर्माण कराया जा रहा है। गोला, मोहम्मदी और मितौली तहसील क्षेत्र में गिरते जलस्तर की शिकायत मिल रही है। वहां पर योजनाओं के माध्यम से जल स्तर को रोकने का कार्य किया जा रहा है। जल निगम के हैंड पंपों के रिबोर का कार्य पूर्ण कर दिया गया है। पेयजल योजना से गांवों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया जा रहा है।

Published on:
05 Jun 2018 05:16 pm
Also Read
View All
सुबह 11 से साढ़े 12 बजे तक का घटनाक्रम! टीचर को गोली मारने से पहले सऊद ने इंस्टा पर क्या पोस्ट किया? लखीमपुर केस Inside Story

लखीमपुर के स्कूल ग्राउंड से महिला टीचर को घसीटकर ले गया युवक, गोली मारकर हत्या की, फिर खुद को भी मारी, दोनों की मौत

‘पुलिस कार्यलय के अंदर मारपीट हुई’, कौन हैं सपा विधायक राहुल लोधी? मारपीट की चर्चाओं के बीच जानिए राजनीतिक सफर

Lakhimpur Kheri Firing Case: पुराने गोलीकांड के आरोपी ने फिर मारी एक को गोली; लखीमपुर में पड़ोसी को मारकर खुद को भी मारा

‘अमरमणि कांग्रेस में शामिल हुए तो जंतर-मंतर पर करूंगी अनशन’, मधुमिता की बहन निधि शुक्ला का बड़ा एलान