लखीमपुर खेरी

Dudhwa National Park: बाढ़ के कारण दुधवा टाइगर रिजर्व के खुलने में हो सकती है देरी

Dudhwa National Park: क्षेत्र निदेशक संजय कुमार पाठक ने कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद पार्क क्षेत्र में सभी पर्यटक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए नए सिरे से अभ्यास शुरू किया जाएगा।
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Updated: 25 Oct 2021, 6:37 PM IST
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Dudhwa National Park: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में बारिश और उसके बाद आई बाढ़ के बाद एक नवंबर से दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) के खुलने में और देरी हो सकती है। डीटीआर और किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य (केडब्ल्यूएस) के प्रमुख हिस्से में पानी भर गया है और अधिकारी फिर से खोलने की योजना की समीक्षा कर रहे हैं।

डीटीआर के फील्ड डायरेक्टर संजय कुमार पाठक ने कहा कि बाढ़ और बारिश के कारण दुधवा नेशनल पार्क (डीएनपी) और केडब्ल्यूएस के अंदर जल-जमाव हो गया है। पार्क के अंदर के मार्ग और पुल, पर्यटकों द्वारा उपयोग किए जाते हैं, जो बाढ़ के बाद में जलभराव के कारण क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस वजह से कीचड़ भरे जंगल मार्गों पर पर्यटक वाहनों की आवाजाही संभव नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि हम दुधवा में पर्यटकों की सुविधा के लिए मार्गों और पुलों की मरम्मत होने तक पार्क को खोलने के लिए एक सप्ताह या उससे अधिक के लिए स्थगित कर सकते हैं। हम इस सप्ताह स्थिति की समीक्षा करेंगे और पर्यटन गतिविधियों के लिए पार्क खोलने के संबंध में उचित निर्णय लेंगे।

डीटीआर में लगभग 105 रॉयल बंगाल टाइगर, 42 एक-सींग वाले गैंडे, 400 एवियन प्रजातियां, हिरण की पांच प्रजातियां हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश राज्य पशु दलदल हिरण शामिल हैं। इसके अलावा कई अन्य जानवर जैसे जंगली टस्कर, सूअर, भालू और समृद्ध वनस्पतियां हैं।

यह हर साल नवंबर के महीने में पर्याटकों और पर्यटन गतिविधियों के लिए खुलता है। कोरोना महामारी के प्रकोप ने दुधवा पर्यटन को भी काफी प्रभावित किया है, हालांकि इसने जंगली जानवरों को रिजर्व के अंदर मानवीय गतिविधियों के बिना मदद की। कोविड-19 मामलों में कमी के बाद डीटीआर अधिकारियों को 1 नवंबर से इस सीजन में पर्यटकों की भारी आमद की उम्मीद थी। हालांकि, उत्तराखंड के बनबसा बैराज से शारदा नदी में 5.3 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद आई बेमौसम बारिश ने पर्यटन सीजन की जोरदार शुरूआत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

क्षेत्र निदेशक संजय कुमार पाठक ने कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद पार्क क्षेत्र में सभी पर्यटक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए नए सिरे से अभ्यास शुरू किया जाएगा। डीटीआर में आने वाले पर्यटकों को अनिवार्य रूप से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।

पाठक ने आगे कहा कि पर्यटकों को अपने चेहरे को मास्क से ढकना चाहिए और डीटीआर क्षेत्र में प्रवेश करते समय सामाजिक दूरियों के मानदंडों और अन्य स्वच्छता उपायों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सीजन में पर्यटकों को हाथी की सवारी का आनंद लेने की अनुमति दी जाएगी जो महामारी के कारण निलंबित कर दी गई थी।

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