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‘हम पाकिस्तान के सांसद थोड़े ही हैं’, अधिकारियों पर भड़के धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया

Anand Bhadauria Viral Video News: यूपी के लखीमपुर खीरी में सरकारी पत्थरों (शिलापट) पर अपना नाम न देखकर भड़क गए सपा सांसद आनंद भदौरिया। नाराज सांसद ने अधिकारियों से पूछा, 'क्या हम पाकिस्तान के सांसद हैं?' जानें पूरा मामला...

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Lakhimpur Kheri Disha Meeting, MP Anand Bhadauria

सरकारी पत्थरों पर नाम न होने पर भड़के सपा MP आनंद भदौरिया | फोटो सोर्स- X(@BhadauriyaAnand)

Anand Bhadauria Viral Video News: लखीमपुर खीरी कलेक्ट्रेट में चल रही एक आधिकारिक बैठक में उस वक्त माहौल बेहद गर्मा गया, जब धौरहरा लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद आनंद भदौरिया प्रशासनिक अधिकारियों पर बुरी तरह बिफर पड़े। विकास कार्यों के शिलापटों (पत्थरों) पर अपना नाम न देखकर सांसद का दर्द इस कदर छलका कि उन्होंने अधिकारियों के सामने सीधे कह दिया, 'हम पाकिस्तान के सांसद थोड़े ही हैं, हिंदुस्तान के ही हैं।' इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

कलेक्ट्रेट की मीटिंग में अचानक क्यों मचा हड़कंप?

लखीमपुर खीरी जिला कलेक्ट्रेट के हॉल में विकास कार्यों की समीक्षा के लिए 'दिशा' कमेटी की एक जरूरी मीटिंग बुलाई गई थी। इस मीटिंग की अध्यक्षता खीरी के सपा सांसद उत्कर्ष वर्मा कर रहे थे और उनके साथ आनंद भदौरिया अगुवाई कर रहे थे। मंच पर जिले के कलेक्टर अंजनी कुमार सिंह सहित जिले के सभी बड़े अधिकारी मौजूद थे। सब कुछ सही चल रहा था, लेकिन तभी सांसद आनंद भदौरिया ने ब्लॉक, नगर पालिका और जिला पंचायत के कामों में विपक्ष के नेताओं की अनदेखी का मुद्दा उठा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्तर पर उनके साथ जानबूझकर भेदभाव किया जा रहा है।

'मोहम्मदी और गांवों के पत्थरों पर अपना नाम ढूंढता रह जाता हूं…'

सांसद भदौरिया ने सीधे जिला अधिकारी से कहा कि ब्लॉक या नगर पंचायत स्तर से जो भी विकास के काम करवाए जा रहे हैं, उनके पत्थरों से सांसदों का नाम गायब है। उन्होंने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि मैं मोहम्मदी इलाके और उसके पास के गांवों में सरकारी पत्थरों पर अपना नाम ढूंढता रह जाता हूं, लेकिन कहीं भी मेरा नाम नहीं मिलता। जब सरकार का साफ नियम है कि सभी जनप्रतिनिधियों के नाम पत्थर पर होने चाहिए, तो फिर इस नियम को क्यों तोड़ा जा रहा है?

सांसद तंज कसते हुए कहा कि सांसद तो सांसद होता है, चाहे वह सरकार का हो या विपक्ष का। हम कोई पाकिस्तान के सांसद थोड़े ही हैं, हम तो हिंदुस्तान के ही सांसद हैं। विकास कार्यों के पत्थरों पर हमारा नाम लिखने में किसी का क्या बिगड़ जाएगा।

'आजादी के बाद देश में ऐसा भेदभाव कभी नहीं हुआ'

मीटिंग के अंदर का यह वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर आया, इलाके की राजनीति गरमा गई। इस पूरे मामले पर जब मीडिया ने आनंद भदौरिया से बात की तो उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रशासन के काम करने के तरीके पर कई बड़े सवाल खड़े किए।
सपा सांसद ने कहा कि हमारे कहने पर क्षेत्र के विकास के लिए सड़कें और दूसरी योजनाएं पास तो हो जाती हैं, लेकिन न तो हमें उनके शिलान्यास में बुलाया जाता है और न ही उद्घाटन के कार्यक्रमों में शामिल किया जाता है। यहां तक कि जिले के प्रभारी मंत्री की बैठकों से भी विपक्ष के सांसदों को दूर रखा जा रहा है।

भदौरिया ने कहा कि आजादी के बाद से आज तक देश के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि विपक्ष के सांसदों के साथ इस तरह का भेदभाव किया गया हो। उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में सिर्फ बीजेपी को ही जनता का वोट नहीं मिला है, बल्कि धौरहरा और खीरी की जनता ने हमें भी अपना कीमती वोट देकर संसद भेजा है। ऐसे में अगर अधिकारी जनता की उम्मीदों के बीच रोड़ा अटकाएंगे तो उनके खिलाफ आवाज उठाना बेहद जरूरी हो जाता है।

सोशल मीडिया पर छाया वीडियो

मीटिंग के सरकारी बैनर के नीचे बैठकर अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाते सपा सांसद का यह अंदाज सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है। लोग इस वीडियो पर तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं।