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बीजेपी विधायक पर आपत्तिजनक टिप्पणी से भड़के दलित नेता, 15 जून को बड़े प्रदर्शन का किया एलान

Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर खीरी के पलिया से BJP MLA रोमी साहनी को दलित पैंथर के अध्यक्ष मनोज कुमार भारती ने वीडियो जारी कर जूते से मारने की धमकी दी है। जानिए क्या है पूरा मामला...

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BJP MLA रोमी साहनी को दलित नेता की खुली धमकी (फोटो- @myogioffice/ X)

BJP MLA Romi Sahni News:उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले की पलिया विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के MLA रोमी साहनी को सरेआम धमकी देने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दलित पैंथर संगठन के अध्यक्ष और संयोजक मनोज कुमार भारती अमर्यादित और विवादित भाषा का इस्तेमाल करते हुए दिख रहे हैं। हालांकि, पत्रिका इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। अमर्यादित भाषा होने की वजह से वीडियाे को यहां नहीं दिखाया गया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद इलाके में सियासी हलचल तेज हो गई है।

दलितों को झूठे मुकदमों में फंसाने का आरोप

वायरल वीडियो में दलित पैंथर के नेता मनोज भारती ने विधायक रोमी साहनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मनोज भारती का कहना है कि विधायक के दबाव में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से एकतरफा कार्रवाई कर रहा है और केवल एक विशेष पक्ष को फायदा पहुंचाया जा रहा है। दलित नेता ने आरोप लगाया है कि इस मामले में साजिश के तहत दलित समाज के लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजा जा रहा है। इसी के विरोध में संगठन ने 15 जून को पलिया विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी विधायक के खिलाफ बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है।

अंबेडकर प्रतिमा स्थापना से जुड़ा है पूरा विवाद

आपको बता दें कि यह पूरा बवाल 14 अप्रैल को मैलानी थाना क्षेत्र के मोतीपुर बाबूपुर गांव में शुरू हुआ था। वहां अंबेडकर प्रतिमा लगाने को लेकर भारी तनाव पैदा हो गया था। ग्रामीणों ने पुलिस पर प्रतिमा तोड़ने का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया था जो बाद में बेहद उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने जमकर पथराव किया और तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। इस भीषण उपद्रव में लगभग एक दर्जन पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

पुलिस कर चुकी है 38 लोगों को गिरफ्तार

14 अप्रैल की उस हिंसक घटना के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और उपद्रव करने के आरोप में करीब 200 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस की टीमें इस मामले में अब तक 38 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं और बाकी लोगों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। दलित पैंथर संगठन पुलिस की इसी कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है। फिलहाल इस वायरल वीडियो पर पुलिस या प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।