
खमरिया खीरी. गोविन्द शुगर मिल ऐरा में मिल प्रबंधन तंत्र की लापरवाही से मिल यार्ड में गन्ना लेकर आए किसान की ठंड लगने से मौत हो गई। मौत के बाद अपने बचाव में आए मिल प्रबंधन ने मृत किसान को अपनी निजी एम्बुलेंस से जबरन लादकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खमरिया में ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मिल प्रबंधन द्वारा अचानक अपने बचाव में आने पर वहां मौजूद हजारों की संख्या में मौजूद किसानों ने तौल बंद कराकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। जिसकी भनक लगते ही मौके पर पहुंचे एसओ ईसानगर व खमरिया पुलिस ने मामले को कई दौर की वार्ता के बाद शांत कराया। इस दौरान लगभग तीन घंटे मिल बंद रही।
कस्बा खमरिया में स्थित गोविन्द शुगर मिल ऐरा में बीती रात ग्राम रैउसीपुर मजरा निबौरी थाना लहरपुर जिला सीतापुर निवासी मुनीम पुत्र भग्गन ट्राली में गन्ना लेकर आया था। रात में ज्यादा ठंडक पड़ने की वजह से अलसुबह लगभग सात बजे उसकी मृत्यु हो गई। मृत्यु की सूचना पाकर मिल प्रबंधन ने आनन-फानन में अपनी निजी एम्बुलेंस से उसको लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खमरिया में लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मिल की हीलाहवाली देखकर किसान भड़क गए और प्रदर्शन करते हुए तौल बंद करा दी। काफी गहमागहमी के बीच पहुंचे एसओ ईसानगर व खमरिया पुलिस ने किसानों से कई दौर की वार्ता करने के बाद काफी मान मनौवल की, तब जाकर किसान शांत हुए। इस दौरान लगभग तीन घंटे मिल बंद रही। उधर मिल प्रबंधन ने मृतक को अस्पताल में छोड़कर अपना पल्ला झाड़ लिया जिसको संज्ञान में लेते हुए मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक बाला प्रसाद अवस्थी व एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी ने पहुंचकर मिल प्रशासन की लापरवाही से हुई किसान की मौत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मुआवजे की मांग की। जिस पर मिल प्रबंधक ने काफी जद्दोजहद के बाद पचास हजार रुपए नकद व 50 हजार रुपए पोस्टमार्टम के बाद देने का आश्वासन दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ। मामला शांत होते ही थाना पुलिस ने मृतक के भतीजे आशीष से तहरीर लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जल रहा होता अलाव, तो बच सकती थी मुनीम की जान
मिल प्रबंधन द्वारा भीषण ठंड के बाद भी किसानों की सुविधा के लिए आजतक मिल गन्ना यार्ड में अलाव नहीं जलवाया गया। वहीं दूसरे जिलों से आने वाले गन्ने की तौल पहले करने व गेट पर आ रहे गन्ने की तौल नाममात्र करने से इस भीषण ठंड में गन्ना लेकर आ रहे किसान कई-कई दिनों तक सर्द हवाओं में मिल परिसर में जीवन गुजारने के लिए मजबूर है।
पत्नी व दो मासूम बेटियों का छिन गया आसरा
मुनीम की दो बेटियां पुष्पा (10) व माधुरी (11) एवं उसकी पत्नी मीरा देवी को मुनीम की मौत की सूचना मिलते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। क्योंकि उसके परिवार में एकमात्र जीवन चलाने का सहारा सिर्फ वहीं था। मौके पर पहुंचे बच्चे व पत्नी ने बताया कि किसी तरह से जीवन गुजर रहा था, जिसका आसरा केवल मुनीम ही थे। इनके जाने से अब अपने साथ-साथ दो-दो बेटियों का जीवन गुजारना मुश्किल हो जाएगा।
कई घंटे मिल प्रशासन अपनी गलती मानने को नहीं हुआ तैयार
मिल प्रबंधन द्वारा किसान की मौत से अपना पल्ला कई घंटे तक झाड़ता रहा, जिसको देख मिल परिसर में मौजूद सैकड़ों किसान उग्र हो गए। जिसमें वार्ता को आए केन मैनेजर बीके सिंह से हाथापाई भी हो गई। जिसको मौके पर पहुंचे चौकी खमरिया से एसआई दिनेश सिंह व एसओ प्रमोद कुमार मिश्रा ने सख्ती बरतते हुए किसानों को शांत कराया। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य केंद्र में कई घंटों तक मृतक का शव पड़ा रहा, जिसको मुआवजे की बात होने के बाद ही पुलिस पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी।