
लखीमपुर खीरी. खीरी जिले पर पहले से ही कई करोड़ों के खाद्यान घोटाले का कलंक लगा था। जिसमे अभी जांच चल रही है। अभी इसकी जांच पूरी नही हुई थी कि एक और घोटाला सामने आ गया। जिसमें गेहूं खरीद मामले में करोड़ों रुपए के गबन का मामला प्रकाश में आया है। पीसीएफ के मौजूदा जिला प्रबंधक वैभव कुमार सिंह ने तत्कालीन जिला प्रबंधक प्रबंजन यादव और चार क्रय केंद्र प्रभारियों पर कूटरचित दस्तावेजों के सहारे धोखाधड़ी कर सरकारी धन के गबन का मुकदमा दर्ज कराया है।
करोड़ों का कराया भुगतान
आरोप यह भी है कि प्रबंजन यादव ने मनमानी तरीके से गेहूं खरीद का करोड़ों रुपए का भुगतान करा दिया है। वही पीसीएफ प्रबंधक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बताते चलें कि इस वर्ष गेहूं खरीद में खीरी जिले में अनिमियता पाई जाने के बाद एमडी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने 19 जून को जिला प्रबंधक प्रबंजन यादव को बरेली से अटैच कर दिया था। इसके कुछ दिन बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। प्रबंजन यादव की जगह वैभव कुमार सिंह को एमडी द्वारा पीसीएफ जिला प्रबंधक के पद पर कार्यभार सौंप दिया गया था। वही गेहूं खरीद में गड़बड़ी की आशंका के बाद बैभव कुमार ने मुख्यालय स्तर से कमेटी गठित कर पूरे मामले की छानबीन कराई। तो पता चला कि गेहूं किसी और से खरीदा गया और इसका भुगतान बैंक खाते की वजह चेक से किया गया।
जांच के बाद रिपोर्ट होगी दर्ज
पूरे मामले में भारी गड़बड़ी सामने आने के बाद एमडी के निर्देश पर जिला प्रबंधक वैभव कुमार सिंह ने सदर कोतवाली में पूरे मामले की तहरीर दी। पुलिस की मानें तो 33 करोड़ रुपए का गेहूं खरीद की आशंका जताई जा रही है। वहीं आरएम वैभव सिंह का कहना कि गेहूं खरीद में भुगतान का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। रिपोर्ट में खीरी जिले के जिला प्रबंधक रहे प्रबंजन यादव के अलावा मरकापुर के क्रय केंद्र प्रभारी अनूप कुमार, गोला मंडी से जुड़े, जलालपुर केंद्र के प्रभारी अनिल कुमार और हसनपुर कटौली के प्रभारी भारत भूषण मिश्रा व अन्य कर्मचारियों पर कूटरचित दस्तावेजों के सहारे सरकारी धन के धोखाधड़ी का आरोप है। वहीं आएम वैभव सिंह ने बताया कि गेंहू खरीद में हुई अनियमितताओं की हर पहलुओं पर जांच करने के बाद ही रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।