लोकसभा चुनाव के लिए लखनऊ में कांग्रेस उम्मीदवार जितिन प्रसाद का दर्द छलक है।
लखीमपुर. लोकसभा चुनाव के लिए लखनऊ में कांग्रेस उम्मीदवार जितिन प्रसाद का आज दर्द छलक है। गुरुवार को धौरहरा से प्रत्याशी न बनाए जाने का दुख पेश करते हुए उन्होंने कहा कि जब से धौरहरा लोकसभा सीट से टिकट कटने की बात पता चली है, तब से मैं चैन की नींद नहीं सो पाया हूं। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाहजहांपुर से लखनऊ के लिए रवाना हो रहे थे, इसी दौरान मैगलगंज में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते हुए उन्होंने कई बाते कही।
कार्यकर्ताओं ने किया जितिन से आग्रह-
कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी को रोक लिया और जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ता जितिन प्रसाद का धौरहरा से टिकट काटे जाने से नाराज थे। कांग्रेसी कार्यकर्ता जितिन प्रसाद से धौरहरा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का आग्रह कर रहे थे। पुलिस के समझाने पर भी कार्यकर्ता डटे रहे। जिसके बाद कार्यकर्ताओं को हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।
शीर्ष नेतृत्व से बात करेंगे- जितिन-
जितिन प्रसाद सिद्धेश्वरी आश्रम पहुंचे जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब से उन्हें धौरहरा लोकसभा सीट से उनका टिकट कटने की बात पता चली है तब से वह चैन की नींद नहीं सोए हैं। उन्होंने धौरहरा लोकसभा के हर नागरिक को अपने परिवार का सदस्य बताया। उन्होंने कहा कि वह शीर्ष नेतृत्व से बात करेंगे और उसके बाद उसकी जानकारी कार्यकर्ताओं को भी देंगे।
इन दिनों जितिन प्रसाद कभी टिकट बदलाव, तो कभी पार्टी बदलने को लेकर सुर्खियों में हैं। हालांकि धौरहरा लोकसभा से दो बार चुनाव लड़ चुके जितिन प्रसाद ने जहां 2009 का चुनाव भारी मतों से जीता था, तो वहीं 2014 में मोदी लहर के चलते उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन क्षेत्र में उन्होंने लगातार अपनी पकड़ बनाए रखी है। यही कारण है कि आज कांग्रेसी कार्यकर्ता व उनके समर्थक उनके इसी सीट से न लड़ने को लेकर नाराज हैं।