लखीमपुर खेरी

कर्नाटक से आने वाले हाथियों की लगेगी पाठशाला

अब तक कन्नड़ के महावतों की बात समझने वाले हाथियों की दुधवा में ही हिंदी की पाठशाला लगाई जाएगी।

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Elephant

लखीमपुर खीरी. कर्नाटक से दुधवा लाये जा रहे हाथियों को अब यहां की बोली समझाई जाएगी। अब तक कन्नड़ के महावतों की बात समझने वाले हाथियों की दुधवा में ही हिंदी की पाठशाला लगाई जाएगी। इसमें वह स्थानीय महावतों की बात और उनके निर्देश समझ सकेंगे। दुधवा नेशनल पार्क में हाथियों का कुनबा बढ़ने जा रहा है। कुनबा बढ़ने के लिए कर्नाटक क्षेत्र से हाथी दुधवा के लिए रवाना हो चुके हैं। यह लगभग 1 सप्ताह में आ जाएंगे।

अब इन हाथियों को कन्नड़ भाषा के साथ हिंदी भाषा सीखने के लिए चार माह की पाठशाला लगाई जाएगी। भाषा सीखने के बाद इनको दुधवा के हाथियों से मिलाया जाएगा। दुधवा नेशनल पार्क के डायरेक्टर सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि कर्नाटक के बांदीपुर नेशनल पार्क से 10 हाथियों को लेकर दुधवा की टीम रवाना कर दी गई है। इन हाथियों में आठ मादा और दो नर हाथी शामिल हैं। इनको लाने के लिए 12 वाहनों को लगाया गया है। 10 वाहनों में हाथी सवार हैं। और बाकी दो ट्रकों में हाथियों को रास्ते में खिलाने के लिए चारा रखा गया है। इन हाथियों के साथ ही कर्नाटक के 15 महावतों को भी साथ लाया जा रहा है। इन महावतों को 4 माह तक दुधवा में ही रहना होगा। इस दौरान उनके पूरे खर्च को यहां से वाहन किया जायेगा।

इस दौरान महावत इन हाथियों के स्वभाव और हाव भाव के बारे में पार्क के महावतों को जानकारी देकर उनको सिखाएंगे। दुधवा के लिए हाथी लेने को गई टीम के साथ डिप्टी डायरेक्टर महावीर कौजलगि सहित 30 सदस्य टीम साथ आ रहे हैं।

दुधवा में इस समय मौजूद है 13 हाथी-
दुधवा में इस समय 13 हाथी मौजूद है। इनमें से 4 नर और सात मादा सहित दो बच्चे हैं। दुधवा में मौजूद हाथियों के नाम इस प्रकार है। सुलोचना, गंगाकाली, मधु, गजराज, पंखुड़ी, पुष्पाकाली रूपकाली, चमेली, मोहन, बात बाटलिक और सुंदर शामिल हैं। बच्चों का नामकरण नहीं हुआ है। कर्नाटक से हाथी आने के बाद उनकी संख्या 23 हो जाएगी।

चार माह चलेगी पाठशाला-
फील्ड डायरेक्टर सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि कर्नाटक से आने वाले हाथियों को अभी कन्नड़ भाषा में दिशा निर्देश पता हैं। इन हाथियों को हिंदी में दिशा निर्देश समझाने के लिए इनकी पाठशाला लगाई जाएगी। जैसे ही यह हाथी इशारे और भाषा समझने लगेंगे। वैसे ही इन हाथियों को दुधवा के हाथियों से मिलाया जाएगा।

Published on:
01 May 2018 11:06 pm
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