
Inside Story Lakhimpur Incident: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में सोमवार को चिल्ड्रंस एकेडमी स्कूल परिसर में हुई गोलीबारी की घटना से हड़कंप मच गया। यहां सऊद अंसारी नाम के युवक ने शिक्षिका निशात फातिमा को गोली मार दी। इसके बाद आरोपी ने खुद को भी गोली मार ली। घटना के समय स्कूल में बच्चे और स्टाफ मौजूद थे, जिससे पूरे परिसर में दहशत फैल गई। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, निशात फातिमा और सऊद अंसारी के बीच प्रेम संबंध था। हाल ही में शिक्षिका ने सऊद से रिश्ता खत्म कर लिया था। पुलिस के अनुसार, इसी बात से नाराज होकर सऊद कथित तौर पर तमंचा लेकर स्कूल पहुंचा और वारदात को अंजाम दिया। आपको बताते हैं पूरे मामले की इनसाइड स्टोरी।
निशात फातिमा पिछले करीब 1 साल से चिल्ड्रंस एकेडमी स्कूल में शिक्षिका के तौर पर कार्यरत थीं। बताया जा रहा है कि सऊद और निशात के बीच पहले से परिचय और करीबी संबंध थे। हालांकि, हाल में दोनों के रिश्ते में खटास आ गई थी। पुलिस के अनुसार, घटना से कुछ दिन पहले सऊद ने निशात को धमकी भी दी थी। SP डॉ. ख्याति गर्ग ने बताया कि सऊद ने निशात से कहा था कि अगर वह उसकी नहीं हुई तो किसी और की भी नहीं होने देगा। निशात ने यह बात अपनी मां को बताई थी। परिवार के करीबी संबंधों को देखते हुए निशात की मां ने पुलिस में शिकायत करने के बजाय सऊद के पिता को फोन कर मामले की जानकारी दी थी।
घटना के बाद स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में बच्चों के टिफिन तक बिना अनुमति अंदर नहीं ले जाने दिए जाते हैं, ऐसे में सऊद तमंचा लेकर स्कूल परिसर में कैसे दाखिल हो गया। अभिभावकों के मुताबिक, आम तौर पर उनके स्कूल पहुंचने पर कोई ना कोई स्टाफ सदस्य उनके साथ रहता है। इसके बावजूद सऊद अकेले स्कूल परिसर में दाखिल हुआ और पहली मंजिल तक पहुंच गया। स्कूल प्रशासन के मुताबिक, मेन गेट के बाद प्रवेश के लिए अलग-अलग रास्ते हैं। बच्चों की एंट्री के अलावा छुट्टी से पहले बच्चों को लेने आने वाले अभिभावकों की रजिस्टर में एंट्री की जाती है। CCTV फुटेज की जांच में सामने आया कि सऊद मेन गेट से अंदर आया और अभिभावकों वाली लाइन में जाने के बजाय कार्यालय की तरफ से परिसर में पहुंच गया।
| समय | क्या हुआ |
|---|---|
| सुबह 11:00 बजे | शिक्षिका से मिलने की बात कहकर सऊद स्कूल परिसर में दाखिल हुआ। |
| 11:02 बजे | सऊद ने शिक्षिका को बुलाया और सीढ़ियों के रास्ते उन्हें पहली मंजिल पर ले गया। |
| 11:02–11:08 बजे | पहली मंजिल पर दोनों के बीच करीब छह मिनट तक बातचीत होती रही। |
| 11:10 बजे | अचानक गोलियों की आवाज से पूरा स्कूल परिसर दहल उठा। |
| 11:11 बजे | गोली चलने की आवाज सुनकर स्कूल स्टाफ घटनास्थल की ओर दौड़ा। |
| 11:15 बजे | पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी अधिकारियों को दी। |
| 11:30 बजे | घटना की खबर फैलने के बाद स्कूल के बाहर अभिभावकों की भीड़ जुटने लगी। |
| 11:45 बजे | शहर कोतवाल पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की। |
| 11:55 बजे | फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की। |
| 12:05 बजे | सहायक पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार तिवारी घटनास्थल पर पहुंचे। |
| 12:08 बजे | अपर पुलिस अधीक्षक पवन गौतम मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। |
| 12:15 बजे | अपर पुलिस अधीक्षक पवन गौतम ने घटनास्थल पर पुलिस अधिकारियों से जानकारी ली। |
| 12:30 बजे | जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। |
जानकारी के अनुसार, सऊद करीब 11 बजे स्कूल परिसर में पहुंचा था। उसने शिक्षिका निशात फातिमा को बात करने के बहाने अपने साथ पहली मंजिल पर बुलाया। सीनियर UKG कक्षा के पास दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि इसके बाद सऊद ने तमंचा निकालकर निशात को गोली मार दी। गोली चलने की आवाज से स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों और स्टाफ में दहशत फैल गई। शिक्षिका को गोली मारने के बाद आरोपी ने खुद को भी गोली मार ली।
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि सऊद ने घटना से कुछ समय पहले इंस्टाग्राम पर एक स्टेटस पोस्ट किया था। इसमें उसने अपनी अचानक मौत की स्थिति में तस्वीरों और सोशल मीडिया खातों से जुड़े संदेश लिखे थे। उसने लोगों से अपने चित्र और संदेश डिलीट करने तथा फेसबुक अकाउंट की रिपोर्ट करने की बात कही थी। पोस्ट में उसने जीवन और मृत्यु से जुड़ी बातें लिखते हुए अपने लिए दुआ करने की अपील भी की थी। पुलिस इस पोस्ट को घटना से जोड़कर भी जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वारदात की योजना कब और कैसे बनाई गई थी।
परिजनों के मुताबिक, सऊद अंसारी परिवार में सबसे छोटा था। उसने अपना कारोबार शुरू करने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद परिवार की अनुमति से उसने फर्नीचर की दुकान शुरू की थी। सऊद के पिता सरकारी कार्यालय में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत बताए गए हैं। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। वहीं, मोहल्ले में भी घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
SP डॉ. ख्याति गर्ग के अनुसार, घटना से करीब 4-5 दिन पहले सऊद ने निशात को धमकी दी थी। उसने कथित तौर पर कहा था कि अगर निशात उसकी नहीं हुई तो वह उसे किसी और की भी नहीं होने देगा। निशात ने अपनी मां को पूरी बात बताई थी और पुलिस से शिकायत करने की बात कही थी। हालांकि, दोनों परिवारों के बीच पुराने करीबी संबंधों को देखते हुए मां ने शिकायत करने से मना कर दिया। इसके बजाय उन्होंने सऊद के पिता को फोन कर बेटे को समझाने के लिए कहा था। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि धमकी के बाद परिवार की ओर से क्या कदम उठाए गए थे।
घटना के बाद मृतका के भाई शादाब अख्तर ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि सऊद कई दिनों से निशात को परेशान कर रहा था और उस पर शादी के लिए दबाव बना रहा था। तहरीर के मुताबिक, परिवार की ओर से सऊद को समझाने का प्रयास किया गया था। उसके परिजनों को भी मामले की जानकारी दी गई थी, लेकिन आरोप है कि सऊद के व्यवहार में बदलाव नहीं आया। मृतका के भाई की शिकायत पर पुलिस ने सऊद अंसारी के साथ उसके पिता कय्यूम अंसारी और उसकी मां के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की है।
निशात फातिमा अपने परिवार में दो भाइयों की इकलौती बहन थीं। पोस्टमॉर्टम हाउस पर मौजूद उनकी मां का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने बताया कि निशात घर की दुलारी थी। इकलौती बहन होने के कारण दोनों भाई भी उसे बहुत मानते थे। बेटी की शादी को लेकर उसके पिता इलियास मुंबई में काम कर रहे थे। निशात की मौत की खबर के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दोनों भाइयों की आंखों में बहन को खोने का सदमा साफ नजर आया।
इस घटना के बाद चिल्ड्रंस एकेडमी स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में प्रवेश को लेकर कड़े नियम होने के बावजूद एक बाहरी व्यक्ति तमंचा लेकर न सिर्फ परिसर में दाखिल हुआ, बल्कि पहली मंजिल तक पहुंच गया। अब पुलिस CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि सऊद स्कूल में किस रास्ते से दाखिल हुआ, उसे रोकने या उसकी तलाशी लेने की प्रक्रिया क्यों नहीं हुई और घटना से पहले स्कूल स्टाफ को उसकी मौजूदगी की जानकारी क्यों नहीं हो सकी।