जिले में शस्त्र लाइसेंस बनने पर लगी रोक हटने की खबर सुनते ही असलहा रखने के शौकीन लोगों ने भाग दौड़ शुरू कर दी है।
लखीमपुर खीरी. जिले में शस्त्र लाइसेंस बनने पर लगी रोक हटने की खबर सुनते ही असलहा रखने के शौकीन लोगों ने भाग दौड़ शुरू कर दी है। पिछले एक साल में करीब 567 लोगों के आवेदन कर रखा है। जिनके आवेदन अब तक पेंडिंग पड़े हैं। अगर आंकड़ा देखा जाए तो खीरी जिले में 28 हजार लोगों के पास लाइसेंस है। इसमें सबसे ज्यादा एक नाली बंदूक करीब 10 हजार लोगों के पास और दो नाली बंदूक साढ़े नौ हजार लोगों के पास है। शस्त्र लाइसेंस बनाने पर करीब दो साल पहले रोक लगा दी गई थी। इसके बाद भी शस्त्र लाइसेंस लेने के लोगों ने अपना आवेदन कर रखा था।
रोक हटते ही कलेक्ट्रेट में लगी लोगों की भीड़
मंगलवार को इस बात की जानकारी जैसे ही असलहा रखने के शौकीन लोगों को लगी कि असलहा बनने पर लगी रोक हट गई है। तो कलेक्ट्रेट में लोगों की भीड़ आवेदन करने के लिए लगने लगी। विभागीय कर्मचारी बताते हैं कि अभी उनके पास इस बात का कोई आदेश तक नहीं आया है कि शस्त्र बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। फिलहाल तो लोग आकर जानकारी हासिल करने लगे हैं। लोगों को जल्दी असलहे का लाइसेंस मिल जाए। इसलिए उन्होंने सोर्स सिफारिश भी शुरू कर दी है।
17 हजार ज्यादा आवेदन हो चुके रद्द
शास्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए पिछले सालों 17 हजार से ज्यादा लोगों ने आवेदन कर रखे थे। सरकार ने रोक लगा दी थी। तो यहां सभी आवेदन किनारे कर दिए गए थे। सूत्र बताते हैं कि जिस तारीख से रोक लगाई गई थी। उससे पहले आवेदन रद्द कर दिए गए थे। उसके बाद भी करीब 567 लोगों ने आवेदन किया था। यह आवेदन विभाग के पास पेंडिंग चल रहे हैं। अब इन आवेदकों ने भाग दौड़ शुरू कर दी है।
महिलाओं की सबसे ज्यादा पसंद है पिस्टल
महिलाएं भी असलहे रखने में पीछे नहीं है। महिलाओं की पसंद पिस्टल है। जो नया आवेदन है। उनमें ज्यादातर महिलाओं ने पिस्टल के लिए आवेदन किया है। जो पहले से महिलाओं के पास है। उन में एक नाली दो नाली बंदूक व पिस्टल है।